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कई बरसों से लोगों के मुंह से निवाला छीनने में लगी पाकिस्तानी सेना की नापाक हरकत से सूखे मोहल्ला सोकड़ निवासियों के गले,गोलाबारी
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फोटो न 1,2 पुंछ के शाहपुर के गांव सोकड में पाक गोलाबारी से क्षतिग्रस्त बावडी
- फोटो : POONCH
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पुंछ। जिले में नियंत्रण रेखा के आसपास बसे गांवों में फसल बोने और फसल काटने के समय भारी गोलाबारी कर पाकिस्तान हर साल लोगों के मुंह से निवाला छीनने का प्रयास करता है। पाकिस्तानी सेना की नापाक हरकत से जिले के शाहपुर सेक्टर के गांव सोकड़ निवासियों के गले दो दिनों से सूखे हुए हैं। क्योंकि सीमापार से दो दिन पहले की गई भारी गोलाबारी में गांव में मौजूइ एक मात्र प्राचीन बावड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
दरअसल, पाकिस्तान से दागे गए गोले बावड़ी के बाहर आकर फटे। दो गोले उसके अंदर के पानी को दलदल में बदल कर रख दिया है। अब बावड़ी में पानी नहीं केवल दलदल रही है। ऐसे में गांव के लोगों को जहां पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वहीं दूसरी तरफ दोबारा पाकिस्तानी गोलाबारी शुरू हो जाने के डर से खौफजदा ग्रामीण गांव से बाहर कहीं दूसरी जगह से पानी भरने के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं।
गांव के मोहम्मद असलम और मोहम्मद सज्जाद खान का कहना है कि पाकिस्तानी गोलाबारी से हम लोग बुरी तरह तंग आ चुके हैं। पाकिस्तानी सेना के कारण हम कई साल से समय पर फसलों की बोआई-कटाई नहीं कर पाते थे। ऐन मौके पर सीमा पार से गोले बरसाने शुरू कर देते हैं। दो दिन पहले जिस प्रकार पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी की है, उसका नतीजा सामने है। ग्रामीणों को न पीने के लिए पानी मिल रहा है न नहाने और कपड़े धोने के लिए। प्राचीन बावड़ी तबाह हो गई है। दो दिन बाद भी बावड़ी का पानी साफ नहीं हो सका है। इस बावड़ी के होते हुए ग्रामीणों को कभी नल लगवाने की भी जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन अब ग्रामीण चिंतित हैं।
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दरअसल, पाकिस्तान से दागे गए गोले बावड़ी के बाहर आकर फटे। दो गोले उसके अंदर के पानी को दलदल में बदल कर रख दिया है। अब बावड़ी में पानी नहीं केवल दलदल रही है। ऐसे में गांव के लोगों को जहां पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वहीं दूसरी तरफ दोबारा पाकिस्तानी गोलाबारी शुरू हो जाने के डर से खौफजदा ग्रामीण गांव से बाहर कहीं दूसरी जगह से पानी भरने के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं।
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गांव के मोहम्मद असलम और मोहम्मद सज्जाद खान का कहना है कि पाकिस्तानी गोलाबारी से हम लोग बुरी तरह तंग आ चुके हैं। पाकिस्तानी सेना के कारण हम कई साल से समय पर फसलों की बोआई-कटाई नहीं कर पाते थे। ऐन मौके पर सीमा पार से गोले बरसाने शुरू कर देते हैं। दो दिन पहले जिस प्रकार पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी की है, उसका नतीजा सामने है। ग्रामीणों को न पीने के लिए पानी मिल रहा है न नहाने और कपड़े धोने के लिए। प्राचीन बावड़ी तबाह हो गई है। दो दिन बाद भी बावड़ी का पानी साफ नहीं हो सका है। इस बावड़ी के होते हुए ग्रामीणों को कभी नल लगवाने की भी जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन अब ग्रामीण चिंतित हैं।
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