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पाकिस्तानी गोलाबारी में मक्की की फसल तबाह होने से परेशान हैं नियंत्रण रेखा के किसान
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पुंछ में नियंत्रण रेखा के गांव में पाकिस्तानी गोलाबारी से तबाह मक्की की फसल दिखाते किसान।
- फोटो : POONCH
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पाकिस्तानी गोलाबारी में मक्की की फसल तबाह
नियंत्रण रेखा के किसान हो रहे परेशान
पुंछ। पाकिस्तान की तरफ से कई दिन से नियंत्रण रेखा पर रिहाइशी इलाकों को निशाना बना गोलाबारी की जा रही है। इससे जिले में नियंत्रण रेखा के आसपास के गांव शाहपुर, कस्बा, कीरनी, मंधार, गूंतरियां, इस्लामाबाद, काईयां में खेतों में सैकड़ों गोले गिरने से मक्की की फसल तबाह हो जाने से किसान परेशान हैं।
उनको इस बात की चिंता है कि इस बार वह अपने बच्चों और पशुओं का पेट कैसे भर पाएंगे। किसान मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद हफीज आदि का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण उनके खेतों में साल में एक ही मक्की की फसल पैदा होती है। जिससे वह परिवार का पेट भरते हैं और सूखे पौधों से सर्दी में पशुओं को चारा डालते हैं। परंतु पाकिस्तानी गोलाबारी से जहां अधिकतर फसल तबाह हो गई है वहीं जो बची है उसमें बारूद की दुर्गंध आने लगी है, जिसे पशु भी नहीं खातेे हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन को हमें गोलाबारी से तबाह मक्की की फसल का मुआवजा देना चाहिए ताकि हम लोगों का गुजर बसर आराम से हो सके। ब्यूरो
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नियंत्रण रेखा के किसान हो रहे परेशान
पुंछ। पाकिस्तान की तरफ से कई दिन से नियंत्रण रेखा पर रिहाइशी इलाकों को निशाना बना गोलाबारी की जा रही है। इससे जिले में नियंत्रण रेखा के आसपास के गांव शाहपुर, कस्बा, कीरनी, मंधार, गूंतरियां, इस्लामाबाद, काईयां में खेतों में सैकड़ों गोले गिरने से मक्की की फसल तबाह हो जाने से किसान परेशान हैं।
उनको इस बात की चिंता है कि इस बार वह अपने बच्चों और पशुओं का पेट कैसे भर पाएंगे। किसान मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद हफीज आदि का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण उनके खेतों में साल में एक ही मक्की की फसल पैदा होती है। जिससे वह परिवार का पेट भरते हैं और सूखे पौधों से सर्दी में पशुओं को चारा डालते हैं। परंतु पाकिस्तानी गोलाबारी से जहां अधिकतर फसल तबाह हो गई है वहीं जो बची है उसमें बारूद की दुर्गंध आने लगी है, जिसे पशु भी नहीं खातेे हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन को हमें गोलाबारी से तबाह मक्की की फसल का मुआवजा देना चाहिए ताकि हम लोगों का गुजर बसर आराम से हो सके। ब्यूरो
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