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लाकडाउन के दोरान दोबारा खुले सरकारी कार्यालय,
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पुंछ। लॉकडाउन के दूसरे चरण में सोमवार को केंद्र सरकार के निर्देश पर जिले में भी सरकारी कार्यालयों को खोल दिया गया। उनमें कामकाज को शुरू हुआ। इस दौरान सरकारी का देश का पालन करते हुए सभी कार्यालयों में 33 प्रतिशत स्टाफ को ही काम पर बुलाया गया और इस दौरान सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए कर्मचारियों की कार्यालयों में बैठने और लोगों के काम करने की व्यवस्था की गई।
इस दौरान अन्य सरकारी कार्यालयों के साथ पशु पालन विभाग, भेड़पालन विभाग, पीडब्ल्यूडी, कृषि विभाग आदि में एक बार फिर से कामकाज शुरू हुआ। पशुपालन विभाग में कुछ लोग जानवरों के लिए दवाइयां लेने पहुंचे। जिला पशुपालन अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इस्माइल ने कोरोना के खतरे को देखते हुए कार्यालय के कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को सुरक्षा के लिए पीपीई किट्स भी प्रदान की ताकि वह सुरक्षित रहें।
इस अवसर पर डॉक्टर मोहम्मद इस्माइल ने कहा कि सरकार के आदेश पर हमने अपने कार्यालय में 33 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम शुरू कर दिया है। रोस्टर ड्यूटी के आधार पर आगे भी इसी प्रकार काम जारी रहेगा। अब गुज्जर एवं बक्करवाल समुदाय के लोगों के अपने माल मवेशियों के साथ पहाड़ों पर स्थित डोकों पर जाने के दिन भी करीब आ रहे हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए हमने स्टाफ को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें पीपीई किट़स प्रदान की है ताकि वह संक्रमण से बचे रहें।
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इस दौरान अन्य सरकारी कार्यालयों के साथ पशु पालन विभाग, भेड़पालन विभाग, पीडब्ल्यूडी, कृषि विभाग आदि में एक बार फिर से कामकाज शुरू हुआ। पशुपालन विभाग में कुछ लोग जानवरों के लिए दवाइयां लेने पहुंचे। जिला पशुपालन अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इस्माइल ने कोरोना के खतरे को देखते हुए कार्यालय के कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को सुरक्षा के लिए पीपीई किट्स भी प्रदान की ताकि वह सुरक्षित रहें।
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इस अवसर पर डॉक्टर मोहम्मद इस्माइल ने कहा कि सरकार के आदेश पर हमने अपने कार्यालय में 33 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम शुरू कर दिया है। रोस्टर ड्यूटी के आधार पर आगे भी इसी प्रकार काम जारी रहेगा। अब गुज्जर एवं बक्करवाल समुदाय के लोगों के अपने माल मवेशियों के साथ पहाड़ों पर स्थित डोकों पर जाने के दिन भी करीब आ रहे हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए हमने स्टाफ को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें पीपीई किट़स प्रदान की है ताकि वह संक्रमण से बचे रहें।
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