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पुलिस एंव प्रशासन ने पुंछ में सख्ती से लागू करवाया वीकएंड लाकडाउन,दोपहर बाद दुकानें बंद कराए जाने से लोग हुए परेशान
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पुंछ। नियंत्रण रेखा पर स्थित पुंछ में भी प्रशासन की तरफ से साप्ताहिक लॉकडाउन लगाने के आदेश जारी किए गए। इसके बाद दोपहर को प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। सबसे पहले गाड़ियों की आवाजाही रोकनी शुरू कर दी। इसके चलते दो बजे के करीब सभी प्रकार की गाड़ियों के नगर में प्रवेश एवं नगर से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई।
डीएसपी हेडक्वार्टर नवाज अहमद और एसएचओ सुरेश्वर देव सिंह की अगुवाई में पुलिस ने बाजारों में पहुंच कर दुकानें बंद करानी शुरू कर दी। इस दौरान सब्जी, दवाइयों, किराना आदि की दुकानों को छोड़ कर अन्य सभी प्रकार की दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करा दिया गया। इससे सुबह से जरूरी सामान खरीदने के लिए पहुंचे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों में प्रशासन एवं पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ रोष भी देखने को मिला। अधिकतर लोगों का कहना था कि अगर प्रशासन को साप्ताहिक लॉकडाउन लगाना था तो उसकी कार्रवाई सुबह से ही करनी चाहिए थी। ताकि हम लोग घरों से ही न आते। अब न तो हमें पूरा समान ही मिला है और न ही घर जाने के लिए गाड़ियां ही मिल रही हैं।
उधर कई दुकानदारों ने जहां प्रशासन के साप्ताहिक लॉकडाउन का स्वागत किया। वहीं उनका इतना कहना था कि अगर उपराज्यपाल प्रशासन की तरफ से रात को साप्ताहिक लॉकडाउन का आदेश जारी किया गया था, तो उसे सुबह दुकानें खुलने के पहले ली लागू कराना चाहिए था, क्योंकि एक बार दुकान खोल दिए जाने के बाद उसे बंद करना मुश्किल हो जाता है।
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डीएसपी हेडक्वार्टर नवाज अहमद और एसएचओ सुरेश्वर देव सिंह की अगुवाई में पुलिस ने बाजारों में पहुंच कर दुकानें बंद करानी शुरू कर दी। इस दौरान सब्जी, दवाइयों, किराना आदि की दुकानों को छोड़ कर अन्य सभी प्रकार की दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करा दिया गया। इससे सुबह से जरूरी सामान खरीदने के लिए पहुंचे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों में प्रशासन एवं पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ रोष भी देखने को मिला। अधिकतर लोगों का कहना था कि अगर प्रशासन को साप्ताहिक लॉकडाउन लगाना था तो उसकी कार्रवाई सुबह से ही करनी चाहिए थी। ताकि हम लोग घरों से ही न आते। अब न तो हमें पूरा समान ही मिला है और न ही घर जाने के लिए गाड़ियां ही मिल रही हैं।
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उधर कई दुकानदारों ने जहां प्रशासन के साप्ताहिक लॉकडाउन का स्वागत किया। वहीं उनका इतना कहना था कि अगर उपराज्यपाल प्रशासन की तरफ से रात को साप्ताहिक लॉकडाउन का आदेश जारी किया गया था, तो उसे सुबह दुकानें खुलने के पहले ली लागू कराना चाहिए था, क्योंकि एक बार दुकान खोल दिए जाने के बाद उसे बंद करना मुश्किल हो जाता है।
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