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राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल पुंछ में अभी तक नहीं लग पाया आक्सीजन जनरेशन पलांट
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पुंछ में अभी तक नहीं लग पाया ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट
सिलिंडरों से ही ऑक्सीजन से कराई जा रही है उपलब्ध
मैनीफोल्ड प्लांट का प्रयोग नहीं हो रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। एक तरफ जहां पूरे देश और जम्मू-कश्मीर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार है। वहीं जम्मू-कश्मीर के सबसे दूर दराज स्थित जिला मुख्यालय स्थित राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल के लिए मंजूर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट नहीं लग पाया है। हालांकि इस प्लांट के लिए अस्पताल में टीन शेड का निर्माण पिछले माह पूरा करा दिया गया है। ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाने का टेंडर भी हो चुका है, लेकिन अभी प्लांट लगना दूर की कोड़ी है।
पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल इकाई के अधिकारियों का कहना है कि ऑक्सीजन जरनेशन प्लांट लगाए जाने में अभी दो माह से अधिक समय लग जाएगा। उधर राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों के साथ ही आपरेशन थियेटर में आपरेशन के दौराना रोगियों को सीधे तौर पर बिस्तर अथवा आपरेशन टेबल पर ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पूरे अस्पताल में पाइप लाइन बिछाने के साथ ही 85 लाख रुपये से अधिक की लागत से ऑक्सीजन मैनीफोल्ड प्लांट भी स्थापित किया गया था। इसका ट्रायल भी कर लिया गया, उसके बावजूद आज भी अस्पताल में भर्ती होने वाले कोरोना संक्रमण से पीड़ितों अथवा अन्य रोगियों को सिलिंडर से ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके बारे में अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर मुश्ताक हुसैन का कहना है कि अस्पताल के लिए ऑक्सीजन मैनीफोल्ड प्लांट बन कर तैयार है। हम अभी उसका प्रयोग नहीं कर रहे हैं, क्योंकि हमारे एनाथिस्टिक का कहना है कि यह प्लांट पूरे अस्पताल के साथ जुड़ा है। इसकी पाइप लाइन को एक बार भरने में ही दर्जनों ऑक्सीजन सिलिंडर खर्च हो जाएंगे और कहीं कोई एक भी वाल्व खुला रह गया तो न जाने कितनी ऑक्सीजन जाया हो जाएगी। वैसे भी अभी हमारे पास ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। हमारे पास अभी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या भी बहुत कम है। हमारे पास अभी सौ ऑक्सीजन सिलिंडर मौजूद हैं। इनमें से हमने करीब 20 सिलिंडर ही इस्तेमाल किए हैं। उनको भी हमने जम्मू से रिफिल करा लिया है।
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डॉक्टर मुश्ताक हुसैन का कहना है कि अभी हमें सबसे बड़ी परेशानी ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिल कराने में आ रही है। मैंने पिछले सप्ताह अपनी गाड़ी से खाली सिलिंडर जम्मू भेजे थे। जहां उन्हें भराने में पांच दिन लग गए। क्योंकि जम्मू में इस समय ऑक्सीजन भरवाने की मारामारी है। अगर हमारा ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट जल्दी लग जाए तो हमारी परेशानी दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस किसी को ऑक्सीजन की कमी महसूस होती है तो हम उसे यहां अस्पताल में भर्ती कर लेते हैं और यहीं ऑक्सीजन देते हैं।
उधर सीएफ मेडिकल अधिकारी डॉक्टर गुलाम अहमद मलिक ने बताया कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीमीटर उपलब्ध हैं और कोविड पॉजिटिव आने वाले हर किसी को हम ऑक्सीमीटर प्रदान करते हैं ताकि वह अपनी पल्स रेट और ऑक्सीजन की समय-समय पर जांच करता रहे। सभी संक्रमितों को ऑक्सीमीटर देने के बाद भी हमारे पास अभी एक हजार से अधिक ऑक्सीमीटर मौजूद हैं। इसके अलावा कोविड पीड़ितों को दी जाने वाली दवाइयों की भी हमारे पास कमी नहीं है।
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सिलिंडरों से ही ऑक्सीजन से कराई जा रही है उपलब्ध
मैनीफोल्ड प्लांट का प्रयोग नहीं हो रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। एक तरफ जहां पूरे देश और जम्मू-कश्मीर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार है। वहीं जम्मू-कश्मीर के सबसे दूर दराज स्थित जिला मुख्यालय स्थित राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल के लिए मंजूर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट नहीं लग पाया है। हालांकि इस प्लांट के लिए अस्पताल में टीन शेड का निर्माण पिछले माह पूरा करा दिया गया है। ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाने का टेंडर भी हो चुका है, लेकिन अभी प्लांट लगना दूर की कोड़ी है।
पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल इकाई के अधिकारियों का कहना है कि ऑक्सीजन जरनेशन प्लांट लगाए जाने में अभी दो माह से अधिक समय लग जाएगा। उधर राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों के साथ ही आपरेशन थियेटर में आपरेशन के दौराना रोगियों को सीधे तौर पर बिस्तर अथवा आपरेशन टेबल पर ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पूरे अस्पताल में पाइप लाइन बिछाने के साथ ही 85 लाख रुपये से अधिक की लागत से ऑक्सीजन मैनीफोल्ड प्लांट भी स्थापित किया गया था। इसका ट्रायल भी कर लिया गया, उसके बावजूद आज भी अस्पताल में भर्ती होने वाले कोरोना संक्रमण से पीड़ितों अथवा अन्य रोगियों को सिलिंडर से ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है।
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इसके बारे में अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर मुश्ताक हुसैन का कहना है कि अस्पताल के लिए ऑक्सीजन मैनीफोल्ड प्लांट बन कर तैयार है। हम अभी उसका प्रयोग नहीं कर रहे हैं, क्योंकि हमारे एनाथिस्टिक का कहना है कि यह प्लांट पूरे अस्पताल के साथ जुड़ा है। इसकी पाइप लाइन को एक बार भरने में ही दर्जनों ऑक्सीजन सिलिंडर खर्च हो जाएंगे और कहीं कोई एक भी वाल्व खुला रह गया तो न जाने कितनी ऑक्सीजन जाया हो जाएगी। वैसे भी अभी हमारे पास ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। हमारे पास अभी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या भी बहुत कम है। हमारे पास अभी सौ ऑक्सीजन सिलिंडर मौजूद हैं। इनमें से हमने करीब 20 सिलिंडर ही इस्तेमाल किए हैं। उनको भी हमने जम्मू से रिफिल करा लिया है।
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डॉक्टर मुश्ताक हुसैन का कहना है कि अभी हमें सबसे बड़ी परेशानी ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिल कराने में आ रही है। मैंने पिछले सप्ताह अपनी गाड़ी से खाली सिलिंडर जम्मू भेजे थे। जहां उन्हें भराने में पांच दिन लग गए। क्योंकि जम्मू में इस समय ऑक्सीजन भरवाने की मारामारी है। अगर हमारा ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट जल्दी लग जाए तो हमारी परेशानी दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस किसी को ऑक्सीजन की कमी महसूस होती है तो हम उसे यहां अस्पताल में भर्ती कर लेते हैं और यहीं ऑक्सीजन देते हैं।
उधर सीएफ मेडिकल अधिकारी डॉक्टर गुलाम अहमद मलिक ने बताया कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीमीटर उपलब्ध हैं और कोविड पॉजिटिव आने वाले हर किसी को हम ऑक्सीमीटर प्रदान करते हैं ताकि वह अपनी पल्स रेट और ऑक्सीजन की समय-समय पर जांच करता रहे। सभी संक्रमितों को ऑक्सीमीटर देने के बाद भी हमारे पास अभी एक हजार से अधिक ऑक्सीमीटर मौजूद हैं। इसके अलावा कोविड पीड़ितों को दी जाने वाली दवाइयों की भी हमारे पास कमी नहीं है।