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चक्कां दा बाग के रास्ते भारत और पाकिस्तान के दो नाबालिगों को उनके घरों को लोटाया गया
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पुंछ। जिले में चक्कां दा बाग की राह-ए-मिलन के रास्ते एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नाबालिग को दोनों देशों के सैन्य, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में नियंत्रण रेखा के आरपार कराते हुए उन्हें उनके घरों को लौटाया गया। नियंत्रण रेखा के आरपार किए जाने वाले नाबालिगों में पुंछ के शाहपुर सेक्टर के फेंसिंग से आगे बसे गांव काईयां मंधार निवासी मोहम्मद बशीर का 15 वर्षीय पुत्र मोहम्मद शब्बीर और पीओके मीरपुर निवासी मोहम्मद शरीफ का पुत्र अली हैदर (14 वर्ष) शामिल है।
यह दोनों बच्चे गलती से नियंत्रण रेखा पार कर एक दूसरे के क्षेत्र में चले गए थे, जिन्हें शुक्रवार को दोनों तरफ की सेना के अधिकारियों के बीच बनी सहमति के बाद उनके वतन लौटाया गया। दोपहर 12:40 बजे जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर नियंत्रण रेखा पर स्थित चक्कां दा बाग की राह-ए-मिलन के गेट खोले गए। यहां पर भारत की तरफ से सेना की गोरखा रेजिमेंट के अधिकारियों, पुलिस सब इंस्पेक्टर मोहम्मद मजीद, मजिस्ट्रेट और चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में पुंछ से हैदर अली (31 दिसंबर को नियंत्रण रेखा के इस पार आ गया था) को राह-ए-मिलन पर कानूनी औपचारिकता पूरी कर पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले किया गया। वहीं इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से 24 दिसंबर को शाहपुर काईयां से पीओके चले गए मोहम्मद शब्बीर को भारतीय अधिकारियों के हवाले किया गया।
डीएसपी हेडक्वार्टर मुदसिर हुसैन ने बताया कि कुछ दिन पहले यह दोनों गलती से नियंत्रण रेखा के आरपार हो गए। नाबालिग लड़कों को उनके परिजनों को लौटाने के लिए प्रयास चल रहे थे। शुक्रवार को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिजनों को लौटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
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यह दोनों बच्चे गलती से नियंत्रण रेखा पार कर एक दूसरे के क्षेत्र में चले गए थे, जिन्हें शुक्रवार को दोनों तरफ की सेना के अधिकारियों के बीच बनी सहमति के बाद उनके वतन लौटाया गया। दोपहर 12:40 बजे जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर नियंत्रण रेखा पर स्थित चक्कां दा बाग की राह-ए-मिलन के गेट खोले गए। यहां पर भारत की तरफ से सेना की गोरखा रेजिमेंट के अधिकारियों, पुलिस सब इंस्पेक्टर मोहम्मद मजीद, मजिस्ट्रेट और चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में पुंछ से हैदर अली (31 दिसंबर को नियंत्रण रेखा के इस पार आ गया था) को राह-ए-मिलन पर कानूनी औपचारिकता पूरी कर पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले किया गया। वहीं इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से 24 दिसंबर को शाहपुर काईयां से पीओके चले गए मोहम्मद शब्बीर को भारतीय अधिकारियों के हवाले किया गया।
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डीएसपी हेडक्वार्टर मुदसिर हुसैन ने बताया कि कुछ दिन पहले यह दोनों गलती से नियंत्रण रेखा के आरपार हो गए। नाबालिग लड़कों को उनके परिजनों को लौटाने के लिए प्रयास चल रहे थे। शुक्रवार को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिजनों को लौटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
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