{"_id":"5c2bd220bdec2256ce081be4","slug":"31546375712-poonch-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ग्रामीणों पर पाकिस्तान कर रहा स्नाइपर हमले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ग्रामीणों पर पाकिस्तान कर रहा स्नाइपर हमले
विज्ञापन
पुंछ। पिछले दो साल से नियंत्रण रेखा पर भारतीय जवानों को निशाना बना कर उन पर स्नाइपर की गोलियां दागने वाली पाकिस्तानी सेना ने अब नियंत्रण रेखा के आसपास के गांवों को स्नाइपर राइफलों का निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पिछले तीन-चार दिन से नियंत्रण रेखा से सटे गांव करमाड़ा में पाकिस्तानी सेना अपनी स्नाइपर राइफलों से गांव के घरों, दुकानों, घरों के ऊपर लगाई गई पानी की टंकियों को नुकसान पहुंचा रही है। इससे ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि भारतीय सेना की चौकियों पर स्नाइपर हमले करने की घटनाओं को अंजाम देने से भारतीय जवानों को कोई बड़ा नुकसान पहुंचाने में नाकाम होने के बाद अब पाकिस्तानी सेना ने निहत्थे ग्रामीणों के घरों, दुकानों पर हमले करने लगी है। अभी तक स्नाइपर गोलियों से कोई ग्रामीण भले की घायल नहीं हुआ, न किसी की जान गई, लेकिन ग्रामीण डरे हुए हैं कि पाकिस्तान कभी भी उनको भी निशाना बना सकता है।
गांव में दुकान चलाने वाले पूर्व सैनिक मोहम्मद यूसिफ, मुनीर हुसैन और मोहम्मद शरीफ का कहना है कि गंाव पर दागी जाने वाली स्नाइपर राइफल की गोलियां उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन रही है। पाकिस्तान अचानक गोलाबारी शुरू करता है। ऐसे में ग्रामीणों को लगता है कि गोलीबारी चौकियों तक ही सीमित रहेगी और वे पहले की तरह अपने काम में लगे रहते हैं। बच्चे स्कूल भी जाते हैं और लोग खेतों में काम कर रहे होते हैं। इसी बीच पाकिस्तान गांव को टार्गेट कर गोलियां दागने लगता है। ऐसे में अफरातफरी मच जाती है। जब पाकिस्तान मोर्टार दागता था तो लोग तुरंत घरों के अंदर भाग जाते थे, लेकिन स्नाइपर शॉट का पता नहीं चलता है। ऐसे में ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं कि कब कोई गोली उनकी जान ले ले।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि भारतीय सेना की चौकियों पर स्नाइपर हमले करने की घटनाओं को अंजाम देने से भारतीय जवानों को कोई बड़ा नुकसान पहुंचाने में नाकाम होने के बाद अब पाकिस्तानी सेना ने निहत्थे ग्रामीणों के घरों, दुकानों पर हमले करने लगी है। अभी तक स्नाइपर गोलियों से कोई ग्रामीण भले की घायल नहीं हुआ, न किसी की जान गई, लेकिन ग्रामीण डरे हुए हैं कि पाकिस्तान कभी भी उनको भी निशाना बना सकता है।
विज्ञापन
गांव में दुकान चलाने वाले पूर्व सैनिक मोहम्मद यूसिफ, मुनीर हुसैन और मोहम्मद शरीफ का कहना है कि गंाव पर दागी जाने वाली स्नाइपर राइफल की गोलियां उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन रही है। पाकिस्तान अचानक गोलाबारी शुरू करता है। ऐसे में ग्रामीणों को लगता है कि गोलीबारी चौकियों तक ही सीमित रहेगी और वे पहले की तरह अपने काम में लगे रहते हैं। बच्चे स्कूल भी जाते हैं और लोग खेतों में काम कर रहे होते हैं। इसी बीच पाकिस्तान गांव को टार्गेट कर गोलियां दागने लगता है। ऐसे में अफरातफरी मच जाती है। जब पाकिस्तान मोर्टार दागता था तो लोग तुरंत घरों के अंदर भाग जाते थे, लेकिन स्नाइपर शॉट का पता नहीं चलता है। ऐसे में ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं कि कब कोई गोली उनकी जान ले ले।
विज्ञापन