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पीठाधीश्वर बनने पर स्वामी विश्वात्मानंद का भव्य स्वागत
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पुंछ। श्रीदशनामी अखाड़ा राजगुरु गद्दी पुंछ के महंत 1008 स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती, अटल पीठ के पीठाधीश्वर बनने के बाद रविवार को पहली बार पुंछ नगर पहुंचे। इस मौके पर उनके स्वागत के लिए करीब पांच किलोमीटर लंबी शोभायात्रा निकालकर स्वामी को दशनामी अखाड़ा पहुंचाया गया। वहां स्वामी के प्रवचन के बाद भंडारा भी आयोजित किया गया।
गौरतलब है कि श्रीदशनामी अखाड़ा राजगुरु गद्दी के महंत 1008 महामंडलेश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज को कुंभ के पूर्व शंभू अखाड़ा की अटल पीठ का पीठाधीश्वर बनाया गया था। वह उत्तर भारत के पहले ऐसे संत हैं, जिन्हें यह पदवी प्राप्त हुई है। पीठाधीश्वर बनने के बाद रविवार दोपहर 12 बजे स्वामी विश्वात्मानंद साधु-संतों और अपने अनुयाइयों के साथ पुंछ नगर के बाद गांव कनूइयां स्थित शिव मंदिर के बाहर पहुंचे। वहां सुबह से ही हजारों की संख्या में पुुंछ निवासी उनके इंतजार में खड़े थे। स्वामी के वहां पहुंचते ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के बीच स्वामी जी को पुष्पमाला पहना कर स्वागत किया गया। कनूइयां मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होती हुई करीब डेढ़ घंटे बाद दशनामी अखाड़ा पहुंची। वहां पर स्वामी जी के लिए स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। वहां हिंदू, मुस्लिम एवं सिख समुदाय के लोगों ने स्वामी जी के पीठाधीश्वर बनने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वामी जी को मिले इस सम्मान से पूरे उत्तर भारत के साथ ही पुंछ का भी गौरव बढ़ गया है। इस अवसर पर स्वामी ने अपने प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित लोगों को प्रभु के चरणों में ध्यान लगाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद भंडारा शुरू किया गया, जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर प्रशासन की तरफ से नगर में हर तरफ सुरक्षा के बड़े प्रबंध किए गए थे।
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गौरतलब है कि श्रीदशनामी अखाड़ा राजगुरु गद्दी के महंत 1008 महामंडलेश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज को कुंभ के पूर्व शंभू अखाड़ा की अटल पीठ का पीठाधीश्वर बनाया गया था। वह उत्तर भारत के पहले ऐसे संत हैं, जिन्हें यह पदवी प्राप्त हुई है। पीठाधीश्वर बनने के बाद रविवार दोपहर 12 बजे स्वामी विश्वात्मानंद साधु-संतों और अपने अनुयाइयों के साथ पुंछ नगर के बाद गांव कनूइयां स्थित शिव मंदिर के बाहर पहुंचे। वहां सुबह से ही हजारों की संख्या में पुुंछ निवासी उनके इंतजार में खड़े थे। स्वामी के वहां पहुंचते ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के बीच स्वामी जी को पुष्पमाला पहना कर स्वागत किया गया। कनूइयां मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होती हुई करीब डेढ़ घंटे बाद दशनामी अखाड़ा पहुंची। वहां पर स्वामी जी के लिए स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। वहां हिंदू, मुस्लिम एवं सिख समुदाय के लोगों ने स्वामी जी के पीठाधीश्वर बनने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वामी जी को मिले इस सम्मान से पूरे उत्तर भारत के साथ ही पुंछ का भी गौरव बढ़ गया है। इस अवसर पर स्वामी ने अपने प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित लोगों को प्रभु के चरणों में ध्यान लगाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद भंडारा शुरू किया गया, जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर प्रशासन की तरफ से नगर में हर तरफ सुरक्षा के बड़े प्रबंध किए गए थे।
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