{"_id":"5c59fb44bdec2273ac45e3ae","slug":"111549400900-poonch-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव जलास निवासियों को याद आ गए वर्ष 2000 के गोलाबारी के दिन,गांव छोड़ महीनों नगर में राहत शिविरों में पड़ा था रहना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव जलास निवासियों को याद आ गए वर्ष 2000 के गोलाबारी के दिन,गांव छोड़ महीनों नगर में राहत शिविरों में पड़ा था रहना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुंछ। एक माह में दूसरी बार पाकिस्तानी सेना ने गांव को निशाना बना कर की गोलाबारी से जलासवासियों को वर्ष 2000 की याद दिला दी है। ग्रामीणों के अनुसार पाकिस्तान ने उसी प्रकार गोलाबारी की तो उन्हें फिर से बेघर होना पड़ेगा। सनद रहे कि 2000 में पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते जलास, सलोत्री और फिल्लोर के हजारों ग्रामीण बेघर हो गए थे। उन्हें प्रशासन ने कई माह तक पुंछ नगर के गीता भवन और स्थापित राहत शिविरों में रहना पड़ा था।
देसराज, राज कुमार, अशोक शर्मा व विनोद कुमार ने बताया कि उस समय गोलाबारी से घरों को काफी नुकसान हुआ था। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। जिसके बाद वर्ष 2001 में नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम घोषित किया गया था।
पाकिस्तान को सिखाया जाए सबक
लोगों का कहना है कि भारत को पाकिस्तान को सबक सिखाना चाहिए, ताकि बार-बार की दिक्कत नहीं हो। इसके बलावा बंकर बनवाए जाएं। क्योंकि जलास गांव नियंत्रण रेखा से कुछ दूर होने के कारण यहां बंकरों के लिए सर्वेक्षण तक नहीं हुआ है। मगर, जिस तरह फिर से तोड़े गए सीजफायर के कारण समस्या बढ़ गई है। लोगों में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देसराज, राज कुमार, अशोक शर्मा व विनोद कुमार ने बताया कि उस समय गोलाबारी से घरों को काफी नुकसान हुआ था। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। जिसके बाद वर्ष 2001 में नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम घोषित किया गया था।
विज्ञापन
पाकिस्तान को सिखाया जाए सबक
लोगों का कहना है कि भारत को पाकिस्तान को सबक सिखाना चाहिए, ताकि बार-बार की दिक्कत नहीं हो। इसके बलावा बंकर बनवाए जाएं। क्योंकि जलास गांव नियंत्रण रेखा से कुछ दूर होने के कारण यहां बंकरों के लिए सर्वेक्षण तक नहीं हुआ है। मगर, जिस तरह फिर से तोड़े गए सीजफायर के कारण समस्या बढ़ गई है। लोगों में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन