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पीओके में पाक के खिलाफ और धधकेगी विरोध की आग

Sat, 16 Apr 2016 10:49 AM IST
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 16 Apr 2016 10:49 AM IST
सार

  • राष्ट्रीय सुरक्षा का अध्ययन करने में जुटे विशेषज्ञों की राय

  • पीओके में चल रहे आतंकियों के ट्रेनिंग कैंपों से लोगों में है गुस्सा

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PoK protest against pakistan
- फोटो : pti

विस्तार

पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लोगों के विरोध की आग और धधकेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा पर अध्ययन करने में जुटे सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू के विशेषज्ञों का मानना है कि पीओके में चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैंपों और घटिया जीवन स्तर से वहां के लोगों में जबर्दस्त उबाल है। 

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में वर्ष 2009 में पीओके के मुजफ्फराबाद के लिए उड़ी से शुरू की गई बस सेवा से कश्मीर के विकास का सच धीरे-धीरे वहां के लोगों के सामने आने लगा है। इसके बाद से ही उनके भीतर पाक सरकार के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है।
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अध्ययन में जुटे विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी, आर्थिक तंगी तथा पाक सेना और आतंकियों के बेवजह हस्तक्षेप से पीओके के लोग परेशान हैं। पाक सेना आम नागरिकों के साथ बुरा बर्ताव करती है। यही वजह है कि मुजफ्फराबाद से बस सेवा शुरू होने के बाद वहां से अपनों से मिलने आने वाले लोगों की संख्या दिनों दिन बढ़ती गई। 

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कि पीओके में जो हालात पैदा हुए हैं वह उसका आंतरिक गतिरोध

PoK protest against pakistan
पाक अधिकृत कश्मीर में प्रदर्शन - फोटो : ANI

पीओके में चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैंप के खिलाफ भी वहां के लोगों ने आवाज बुलंद कर रखी है क्योंकि आतंकी युवकों को प्रलोभन देकर आतंक के रास्ते पर ले जाते हैं। इन वजहों से ही पीओके के लोग पाकिस्तान से अपनी आजादी चाहते हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू के राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन विभाग के डॉ. जे जगन्नाथन का कहना है कि पीओके में जो हालात पैदा हुए हैं वह उसका आंतरिक गतिरोध है।

पीओके में सामाजिक-आर्थिक मोर्चों पर भी कई समस्याएं हैं, जिससे लोगों में गुस्सा है। यहां के लोगों के जीवनस्तर पर कभी कोई ध्यान नहीं दिया गया। जबकि पाकिस्तान पीओके को अपने नियंत्रण में रखने के प्रति बहुत ही गंभीर है। जगन्नाथन ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच शांति-वार्ता प्रक्रिया को जारी रखकर ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। यह खासकर पाकिस्तान के हित में होगा।

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