महबूबा मुफ्ती के शपथ लेते ही पीडीपी में हुई बगावत
- कर्रा ने फिर दिखाए बगावती तेवर, समारोह का किया बहिष्कार
- बोले, बुखारी, नईम और द्राबू मुफ्ती की पीठ में छुरा घोंपने के जिम्मेदार
विस्तार
मंत्रियों के नाम को अंतिम रूप दिए जाते वक्त उन्होंने अल्ताफ बुखारी, नईम अख्तर तथा हसीब द्राबू को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि यदि पुराने चेहरों के साथ ही आप आते हैं तो उसका गलत संदेश जाएगा।
उन्होंने कहा कि ये तीनों एमएलए मुफ्ती सरकार के फेल होने और मुफ्ती की पीठ में छुरा घोंपने के लिए जिम्मेदार थे। कहा कि उन्होंने महबूबा से साफ शब्दों में कहा था कि ईश्वर ने उन्हें मौका दिया है और वे इसका भरपूर फायदा उठाएं। इन तीनों को हटाएं। किसी दूसरे को मंत्रिमंडल में शामिल करें और वित्त मंत्री का प्रभार दें।
महबूबा का फैसला गलत है
महबूबा से पहली मुलाकात में ही उन्होंने मंत्रियों को शामिल किए जाने पर अपना पक्ष रख दिया था। पीडीपी प्रमुख ने उन्हें आश्वस्त किया था कि यदि वे उनके फैसले से सहमत नहीं होंगे तो शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न हों।
उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि महबूबा का फैसला गलत है तो वे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। कर्रा ने कहा कि महबूबा की ओर से कोई आत्म विश्लेषण नहीं किया गया। उन्होंने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। गौरतलब है कि इसके पहले भी मुफ्ती के कार्यकाल में भी वे बगावती तेवर दिखाते रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, डा. जितेंद्र सिंह और हरसिमरत कौर बादल शपथग्रहण समारोह में देर से पहुंचे। वे जब राजभवन पहुंचे तब तक महबूबा और डा. निर्मल सिंह शपथ ले चुके थे। सुबह साढ़े नौ बजे वे विशेष विमान से दिल्ली से चले थे, लेकिन राजभवन पहुंचने में उन्हें 15 मिनट की देरी हो गई।