NIT विवाद: मंत्रियों के बच्चे होते तो सुरक्षित निकाल लिए जाते
- लाडलों की दुर्दशा सुनाते अभिभावकों की आंखें भर आईं
- एनआईटी में अर्द्धसैनिक बलों की स्थायी तैनाती की मांग
- एफआईआर वापस लेने के साथ परीक्षाएं स्थगित की जाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगर वहां मंत्रियों के बच्चे होते तो उन्हें सुरक्षित निकाल लेने के साथ उचित कार्रवाई की जाती। केंद्रीय एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी का वहां कोई नहीं है। इसलिए उन्हें दर्द का अहसास नहीं है। हमारे बच्चे सदमे में हैं। असुरक्षित माहौल में उन पर दबाव बनाकर उन्हें फेल करने की साजिश की जा रही है।
परीक्षाओं को जबरन थोपा जा रहा है। कैंपस में जेकेपी के जवान सिविल वर्दी में खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में कुछ समझ नहीं आ रहा कि उन्हें घर वापस बुलाएं या वहीं रहने दें। प्रदर्शनी मैदान जम्मू के बाहर शुक्रवार को एनआईटी श्रीनगर में पढ़ रहे अपने लाडलों की दुर्दशा सुनाते अभिभावकों की आंखें भर आईं।
इस दौरान श्रीनगर से आए एनआईटी विद्यार्थी भी मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाए कि एनआईटी प्रशासन ऐसे खराब माहौल में परीक्षाएं करवाकर स्थानीय विद्यार्थियों को लाभ देने की साजिश कर रहा है।
एफआईआर वापस लेने के साथ परीक्षाएं स्थगित की जाएं
अभिभावक संजय ने बताया कि एनआईटी में हुई लाठीचार्ज और अन्य असामाजिक गतिविधियों के बीच गैर कश्मीरी विद्यार्थी सहमे हुए हैं। एनआईटी प्रशासन ने 11 अप्रैल को परीक्षाएं आयोजित करने की घोषणा की है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में ऐसा संभव नहीं हो सकता।
अभिभावक अनीता ने कहा कि एनआईटी में असुरक्षित माहौल से विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी भारी तनाव में हैं। राज्य और केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों में बेहतर परिस्थितियों को लेकर विश्वास नहीं है।
अभिभावकों ने बताया कि तिरंगा लहराने वालों पर एफआईआर लगाई जा रही है। राज्य पुलिस ने ऐसी कार्रवाई करके विद्यार्थियों के भविष्य को खराब करने की कोशिशें की हैं। उन्होंने मांग की कि एनआईटी कैंपस को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, नहीं तो एनआईटी में अर्द्धसैनिक बलों की स्थायी तैनाती की जाए।
पुलिस गलत सीडी दिखाकर अपनी छवि को साफ बता रही है, जबकि असलियत सबके सामने आ गई है। कुछ अभिभावकों ने रोष जताते हुए कहा कि गैर कश्मीरी छात्रों को फंसाया जा रहा है। अभिभावकों ने सुरक्षा की मांग के लिए नारेबाजी की।