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कश्मीरी को जीप पर बांधना विएना संधि का उल्लंघन, ये 'युद्ध अपराध' है: उमर अब्दुल्ला
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Wed, 24 May 2017 05:33 PM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
- फोटो : File Photo
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जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने फिर से भारतीय सेना के खिलाफ बयानबाजी की है। उन्होंने मेजर नितिन लीतुल गोगोई द्वारा कश्मीरी पत्थरबाज को जीप से बांधकर लोगों को सुरक्षित बचाने वाली कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे आने वाले समय में और दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उमर ने कहा कि मेजर गोगोई का ये कदम विएना संधि का उल्लंघन है, साथ ही ये भारतीय संविधान के साथ ही सैनिक कानून का भी उल्लंघन है।
उमर अब्दुल्ला का ये बयान भारतीय सेना द्वारा गोगोई को सम्मानित करने के बाद आया। उन्होंने कहा कि गोगोई द्वारा उठाया गया ये कदम बेहद गंभीर है। ये 'युद्ध अपराध' की श्रेणी में आता है, जहां कोई भी सैन्य ग्रुप इंसान को अपनी सुरक्षा के लिए कवच के तौर पर इस्तेमाल करता है।
पत्थरबाज को जीप पर बांधकर घुमाने वाले मेजर को सेना ने किया सम्मानित
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उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पीड़ित फारूख अहमद डार को न्याय मिलना चाहिए। अमर अब्दुल्ला ने कहा कि मेजर नितिन गोगोई ने डार को खिलौने की तरह इस्तेमाल किया। उन्हें मानव ढाल बनाया, जो विएना संधि का उल्लंघन है। इसके साथ ही ये भारतीय सैन्य कानून का उल्लंघन भी है, जिसमें गोगोई ने कानून न सिर्फ अपने हाथ में लिया, बल्कि इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया जा रहा है। भविष्य में ये बातें कश्मीर में दिक्कतों की वजह बन सकती हैं।
जीप पर कश्मीर के पत्थरबाजों को बांधने पर मेजर को सम्मान, कैप्टन अमरिंदर ने की तारीफ
अब्दुल्ला ने कहा कि अभी वो आर्मी की कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बडगाम में जो कुछ भी हुआ, वो सही नहीं था। हालांकि सेना की इन्क्वॉयरी से भी उन्हें कोई खास उम्मीद नहीं है। ये महज दिखावे की तरह है।
पत्थरबाज को मानव ढाल बनाने वाले मेजर के पक्ष में बोले सेना प्रमुख- उन्होंने सही फैसला किया
गौरतलब है कि मेजर नितिन लीतुल गोगोई ने 9 अप्रैल के लिए श्रीनगर लोकसभा सीट पर उपचुनाव के मतदान के समय ही एक पत्थरबाज को अपनी जीप पर बांधकर कवच की तरह इस्तेमाल किया था। गोगोई का तर्क था कि उस समय चारों तरफ से पत्थरबाज उन्हें घेरे हुए थे और लगातार हमले कर रहे थे। उन्हें मतदान दल को भी सुरक्षित बचाना था। उनके पास गोली चलाने का अवसर था, पर उन्होंने सभी को सुरक्षित निकालने के लिए पत्थरबाज को ही जीप पर बांध दिया। इसके बाद पूरी टीम वहां से सुरक्षित निकल गई। उनकी इस कार्रवाई के लिए वो भले ही जांच का सामना कर रहे हों, पर भारतीय सेना प्रमुख की ओर से उन्हें इसी काम के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है।
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उमर अब्दुल्ला का ये बयान भारतीय सेना द्वारा गोगोई को सम्मानित करने के बाद आया। उन्होंने कहा कि गोगोई द्वारा उठाया गया ये कदम बेहद गंभीर है। ये 'युद्ध अपराध' की श्रेणी में आता है, जहां कोई भी सैन्य ग्रुप इंसान को अपनी सुरक्षा के लिए कवच के तौर पर इस्तेमाल करता है।
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उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पीड़ित फारूख अहमद डार को न्याय मिलना चाहिए। अमर अब्दुल्ला ने कहा कि मेजर नितिन गोगोई ने डार को खिलौने की तरह इस्तेमाल किया। उन्हें मानव ढाल बनाया, जो विएना संधि का उल्लंघन है। इसके साथ ही ये भारतीय सैन्य कानून का उल्लंघन भी है, जिसमें गोगोई ने कानून न सिर्फ अपने हाथ में लिया, बल्कि इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया जा रहा है। भविष्य में ये बातें कश्मीर में दिक्कतों की वजह बन सकती हैं।
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अब्दुल्ला ने कहा कि अभी वो आर्मी की कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बडगाम में जो कुछ भी हुआ, वो सही नहीं था। हालांकि सेना की इन्क्वॉयरी से भी उन्हें कोई खास उम्मीद नहीं है। ये महज दिखावे की तरह है।
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गौरतलब है कि मेजर नितिन लीतुल गोगोई ने 9 अप्रैल के लिए श्रीनगर लोकसभा सीट पर उपचुनाव के मतदान के समय ही एक पत्थरबाज को अपनी जीप पर बांधकर कवच की तरह इस्तेमाल किया था। गोगोई का तर्क था कि उस समय चारों तरफ से पत्थरबाज उन्हें घेरे हुए थे और लगातार हमले कर रहे थे। उन्हें मतदान दल को भी सुरक्षित बचाना था। उनके पास गोली चलाने का अवसर था, पर उन्होंने सभी को सुरक्षित निकालने के लिए पत्थरबाज को ही जीप पर बांध दिया। इसके बाद पूरी टीम वहां से सुरक्षित निकल गई। उनकी इस कार्रवाई के लिए वो भले ही जांच का सामना कर रहे हों, पर भारतीय सेना प्रमुख की ओर से उन्हें इसी काम के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है।