NIT श्रीनगर के छात्र बाद में दे सकते हैं परीक्षा: एचआरडी मंत्रालय
- बाहर से आए छात्रों ने टीम से कहा कि वे कुछ समय के लिए घर जाना चाहते हैं और बाद में परीक्षा देना चाहते हैं।
- मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा, ऐसे छात्र हैं जो बाद में परीक्षा देना चाहते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही परीक्षा देना चाहते हैं।
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श्रीनगर एनआईटी के छात्रों मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से एक बड़ी राहत मिल गई है। मानव संसाधन मंत्रालय ने एनआईटी के छात्रों के पास बाद में परीक्षा देने का विकल्प दिया है।
यह फैसला मानव संसाधन मंत्रालय की तीन सदस्यी टीम के आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत करने के लिया है। गौरतलब है कि छात्र लगातार सुरक्षा देने की बात कर रहे हैं। परिसर में असुरक्षा की आशंका व्यक्त करते हुए राज्य के बाहर से आए छात्रों ने टीम से कहा कि वे कुछ समय के लिए घर जाना चाहते हैं और बाद में परीक्षा देना चाहते हैं।
छात्रों ने संस्थान को कश्मीर से बाहर स्थानांतरित किए जाने तथा सोमवार को हुए लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने सहित कुछ मांगें भी रखीं। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा, ऐसे छात्र हैं जो बाद में परीक्षा देना चाहते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही परीक्षा देना चाहते हैं। जो बाद में परीक्षा देना चाहते हैं, पुन: परीक्षा निर्धारित की जाएगी। परीक्षाएं अगले सप्ताह से होनी हैं।
स्मृति ईरानी 13 अप्रैल को श्रीनगर जाएंगी
अधिकारियों ने कहा, परिसर गई एचआरडी टीम वहां परीक्षाएं पूरी होने तक रूकेगी। जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को आश्वासन दिया है कि सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
स्मृति संसद सदस्यों की सलाहकार समिति की बैठक के लिए 13 अप्रैल को श्रीनगर जाएंगी, लेकिन इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है कि वह एनआईटी परिसर जाएंगी या नहीं। छात्रों की शिकायतें सुनने गई टीम में संजीव शर्मा, एचआरडी मंत्रालय में निदेशक (तकनीकी शिक्षा), उपनिदेशक (वित्त) फजल महमूद और एनआईटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एमजे जराबी शामिल हैं।
प्रसिद्ध डल झील के पास स्थित एनआईटी परिसर में तनाव तब शुरू हुआ था जब टी-20 क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में कुछ स्थानीय छात्रों ने भारत की हार पर जश्न मनाया और पटाखे चलाए। बाहरी छात्रों ने इसका विरोध किया जिसका परिणाम झड़पों के रूप में निकला।
घटनाक्रम के चलते एनआईटी अधिकारियों ने शनिवार को परिसर बंद करने का फैसला किया, लेकिन सोमवार को इसे फिर खोल दिया गया। बाहरी छात्रों ने परिसर से बाहर की तरफ मार्च निकालने की कोशिश की और कहा कि वे घर लौटना चाहते हैं।