जम्मू-कश्मीर: लश्कर आतंकी से आईईडी मिलने के संबंध में एनआईए का सात जगहों पर छापा, दो गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान एनआईए के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) और राज्य पुलिस रही। इस कार्रवाई में एनआईए ने टीआरएफ के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस साल 26 जून को जम्मू के बठिंडी में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी से आईईडी बरामद होने और प्रदेश में आतंकी गतिविधियां संचालित करने के एक मामले में रविवार को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम, श्रीनगर और बारामूला जिलों के सात ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान एनआईए के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) और राज्य पुलिस रही।
इस दौरान एनआईए ने साजिश में शामिल होने के आरोप में द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के सदस्यों- बारामूला जिला के बंग्डारा गांव निवासी तौसीफ अहमद वानी और अनंतनाग जिला में वांपोरा क्षेत्र के पंजत गांव निवासी फैज अहमद खान को गिरफ्तार किया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि लश्कर के पाकिस्तानी मूल के हैंडलर्स और जम्मू-कश्मीर में उनके सहयोगियों ने आम जनता को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य के आतंक फैलाने की साजिश रची थी। जांच के अनुसार, उन्होंने योजना बनाई थी कि आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की जिम्मेदारी टीआरएफ द्वारा ली जाएगी।
घाटी में ताबड़तोड़ छापे, 500 से ज्यादा संदिग्ध पकड़े गए
कश्मीर घाटी में इस महीने हुई टारगेट किलिंग के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस बीच हमले में शामिल आतंकियों की धर-पकड़ के लिए पूरे कश्मीर में कई जगहों पर छापे मारकर 500 से अधिक युवाओं को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए युवाओं में पत्थरबाज, ओजीडब्ल्यू की संदिग्ध सूची में शामिल युवा और जमात-ए-इस्लामी व तहरीक-ए-हुर्रियत से जुड़े कैडर भी हैं। केंद्र से भेजे गए आईबी के वरिष्ठ अधिकारी पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
अल्पसंख्यकों की कॉलोनियों में सुरक्षा बढ़ाई गई
घाटी के सभी जिलों में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अल्पसंख्यकों की कॉलोनियों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। कुछ नाके बढ़ाए गए हैं, जहां से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है। सूत्रों ने बताया कि टारगेट किलिंग की घटनाओं के बाद पूरी घाटी में छापे मारकर संदिग्धों को पुलिस ने उठाया है। बताते हैं कि श्रीनगर से 70 युवाओं को उठाया गया है। इनमें से ज्यादातर डाउनटाउन से जुड़े हैं, जिनका पत्थरबाजी व अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल रहने का इतिहास रहा है। गांदरबल से 45, शोपियां से 40, बडगाम से 30 युवाओं को हिरासत में लिया गया है। अनंतनाग के बिजबिहाड़ा से भी युवक उठाए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि फिलहाल पकड़े गए युवाओं से पूछताछ की जा रही है। इनका घटना से फिलहाल कोई संबंध स्थापित नहीं हो पाया है।