केंद्र सरकार विश्वास बहाली के निर्णायक कदम उठाए: महबूबा
- महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनका मकसद कुर्सी नहीं है बल्कि राज्य में शांति बहाली है
- पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अच्छे इंसान थे, लेकिन उनके पास जनादेश नहीं था।
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विजयपुर में पार्टी के सदस्यता अभियान का श्रीगणेश करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनका मकसद कुर्सी नहीं है बल्कि राज्य में शांति बहाली है, साथ ही पाक के साथ संबंध सुधारना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की।
उन्होंने कहा कि पीडीपी चाहती तो कांग्रेस के साथ भी सरकार बना सकती थी और नेकां अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी समर्थन की पेशकश की थी, लेकिन मुफ्ती साहब ने रियासत को बांटने की बजाए जनादेश का सम्मान किया और जम्मू में भारी जनादेश पाने वाली भाजपा के साथ हाथ मिलाकर दोनों खित्तों को जोड़ने का प्रयास किया।
राज्य में शांति के लिए स्वर्गीय मुफ्ती की प्रतिबद्धता दोहराते हुए महबूबा ने कहा कि केंद्र में भी मोदी सरकार को भारी जनादेश मिला था, जिसके चलते मुफ्ती साहब को उम्मीद थी कि पाक के साथ भी संबंध सुधारने की पहल करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के पाक दौरे की तारीफ करते हुए महबूबा ने कहा कि उनके पाक दौरे का यह फायदा हुआ कि पठानकोट हमले के बाद पहली बार पाक सरकार ने आरोपियों को जेल में डाला व जांच शुरू की। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अच्छे इंसान थे, लेकिन उनके पास जनादेश नहीं था।
महबूबा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा पाक के साथ संबंध सुधारने के लिए शुरू किए गए प्रयास यूपीए सरकार के दस साल के कार्यकाल के दौरान आगे नहीं बढ़ पाए, जिससे हालात खराब होते चले गए।
महबूबा ने उम्मीद जताई कि मोदी इसे आगे ले जाएंगे और पाक के साथ संबंध सुधरने से हालात बेहतर होंगे। साथ ही कश्मीर की समस्या का हल होगा। महबूबा ने कहा कि जंग और आतंकवाद किसी समस्या का हल नहीं है।
ऐसे में पीडीपी ने भी राज्य में एक नई शुरूआत की है, जिसे आग ले जाना होगा। मुफ्ती मोहम्मद सईद के विजन को आगे बढ़ाना होगा। इस मौके पर पार्टी महासचिव वेद महाजन, प्रमुख प्रवक्ता डा. महबूब बेग, विधायक चौ. जुल्फिकार अली, विक्रमादित्य सिंहआदि मौजूद रहे।
जब भावुक हो गई महबूबा
इस बीच अपने पिता का जिक्र करते हुए महबूबा भावुक हो गई। उन्होंने जनता से कहा कि पिता का साथ नहीं रहा आज अब आप लोगों का मुझे साथ चाहिए, ताकि उनके पिता का हर सपना पूरा हो सके। इस बीच उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिनियम में बदलाव करने की भी चाह जनता के सामने रखी, जिससे हर घर में दो वक्त की रोटी मिल सके।