सीमा पार से फैली आग के चपेट में नियंत्रण रेखा के जंगल
- दावानल की चपेट में नियंत्रण रेखा के जंगल
- सीमा पार से फैली आग ने तीन दिन में भारी तबाही मचाई
- सेना के साथ वन विभाग की टीम भी लगी आग पर काबू पाने में
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नियंत्रण रेखा पर झंगड़ और कलाल सेक्टर के जंगलों में भीषण आग धधक रही है। सीमा पार से फैली आग ने तीन दिन में भारी तबाही मचाई है। वन संपदा और जंगली जीवों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
सेना और वन विभाग ने आग को बुझाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आग को काबू पाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार झंगड़ सेक्टर के सेर, मकड़ी और कडाली इलाके के जंगलों में आग तेजी से चारों ओर फैल रही है। कलाल सेक्टर के बाबा खौड़ी और कनारा गांव वन विभाग के कपार्टमेंट नंबर 62 के जंगल भी आग में जल रहे हैं।
वन विभाग के नौशेरा डिवीजन के डीएफओ अर्शदीप सिंह ने बताया कि नियंत्रण रेखा से सटे जंगलों में भयानक आग लगी है। आग को बुझाने के लिए सेना अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। सेना की अनुमति के बाद वन विभाग की टीम को आग बुझाने के लिए भेजा गया है।
राजोरी के जंगलों में लगी आग पर काबू
सुंदरबनी के सीमावर्ती क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग भारी वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। नांह धार कलासरा में आग भयावहता अधिक है। गर्मी के कारण जंगलों में बिखरे सूखे पत्ते और घास के कारण आग विकराल रूप धारण किए है। लाखों की वन संपदा तबाह हो गई है।
आग से उठने वाले धुएं ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आग पर काबू पाने के लिए यहां वन विभाग सारे प्रयास कर रहा है, लेकिन ऊंची पहाडि़यों तथा सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण कर्मचारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जम्मू-राजोरी नेशनल हाईवे स्थित चिंगस नारियां क्षेत्र के जंगलों में लगी आग को काबू कर लिया गया है। यहां भी आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच है। हालांकि, वन विभाग और वन संरक्षण फोर्स ने संयुक्त रूप से सोमवार की सुबह तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।