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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Lieutenant Governor Sinha said: Light Metro work will start in Jammu and Srinagar this year, Tawi River Front will start from February on the lines of Sabarmati

उपराज्यपाल सिन्हा बोले: जम्मू और श्रीनगर में इसी साल शुरू होगा लाइट मेट्रो का काम, साबरमती की तर्ज पर तवी रिवर फ्रंट फरवरी से होगा शुरू 

Fri, 28 Jan 2022 03:39 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 28 Jan 2022 03:39 PM IST
सार

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू और श्रीनगर शहर में मेट्रो के काम में 10,599 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साबरमती की तर्ज पर तवी रिवर फ्रंट के सौंदर्यीकरण का काम फरवरी के पहले सप्ताह से शुरू करवाया जाएगा। 

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Lieutenant Governor Sinha said: Light Metro work will start in Jammu and Srinagar this year, Tawi River Front will start from February on the lines of Sabarmati
Lieutenant Governor Manoj Sinha - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू और श्रीनगर में लाइट मेट्रो लेन का काम इसी वर्ष शुरू हो जाएगा। साबरमर्ती रिवर फ्रंट की तर्ज पर जम्मू में तवी रिवर फ्रंट का काम फरवरी के पहले सप्ताह शुरू होगा। जम्मू के एमए स्टेडियम में गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि तवी रिवर फ्रंट की निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है। दो चरणों के प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट को डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल पर्यटन को पंख लगेंगे बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। जम्मू और श्रीनगर शहर में 10,599 करोड़ की लागत से लाइट मेट्रो रेल का काम शुरू करने की तैयारी है।

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प्रदेश को औद्योगिक निवेश की पसंदीदा जगह बनाने की कोशिश

उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने दशकों बाद जम्मू-कश्मीर में खड़ी की गई बनावटी दीवारों को गिराकर प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का साहसिक और निर्णायक कदम उठाया है। अगस्त 2019 के ऐतिहासिक परिवर्तन के बाद जम्मू-कश्मीर आर्थिक और सामाजिक विकास के नए मॉडल के रूप में सफलता की नवीनतम कहानी बनने की दिशा में अग्रसर है। तमाम चुनौतियों के बावजूद जम्मू-कश्मीर को अवसरों और औद्योगिक निवेश की पसंदीदा जगह बनाने की कोशिश की जा रही है।

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जम्मू-कश्मीर को अभी तक 48 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

नई औद्योगिक नीति के लागू होने के पश्चात जम्मू-कश्मीर को अभी तक 48 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। भूमि उपयोग नीति में परिवर्तन से अब उद्योग से जुड़े लोग अपने स्तर पर भी जमीन देखकर कारोबार शुरू कर रहे हैं। इस वित्त वर्ष में निवेश का आंकड़ा 50 हजार करोड़ रुपये के ऊपर जाएगा। भूमि कानूनों में बदलाव को लेकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।

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जम्मू-कश्मीर की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भूमि कानूनों में किसानों और भू-स्वामियों व जमीन मालिकों की तरक्की के लिए बदलाव किए गए हैं। एक खास वर्ग अक्सर जनांकिकी परिवर्तन की अफ वाहें फैलाकर लोगों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास करता रहता है। अन्य पहाड़ी राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में भी भूमि संरक्षण की व्यवस्था की गई है।  
 

आतंकवाद को उखाड़ फेंकने का संकल्प

उपराज्यपाल ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बहादुर जवानों, अफसरों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने मातृभूमि की एकता, अखंडता की रक्षा में अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके अद्भुत पराक्रम, शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए आज हम पड़ोसी मुल्क द्वारा चलाए जा रहे आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने, आतंकियों तथा आतंक के इकोसिस्टम को समाप्त करने के संकल्प को दोहराते हैं।
 

सड़क एवं सुरंग पर एक लाख करोड़ रुपये का खर्च

उप राज्यपाल ने कहा कि सड़कों और सुरंगों पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कभी 10वें-11वें स्थान पर रहने वाला जम्मू-कश्मीर आज पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। इस वित्त वर्ष के अंत तक रिकॉर्ड 8000 किलोमीटर रोड पर तारकोल डालने के लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे। जम्मू और श्रीनगर में दो नए एयरपोर्ट टर्मिनल बन रहे हैं। जम्मू व श्रीनगर एयरपोर्ट पर कार्गो की सुविधा मुहैया कराई गई है। अगले साल तक कश्मीर रेल मार्ग द्वारा कन्याकुमारी से जुड़ जाएगा।
 

687 स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब

एलजी ने कहा कि नई शिक्षा नीति की अनुशंसा के अनुरूप स्कूलों में आधुनिक लैब भी स्थापित की जा रही हैं। हायर सेकेंडरी स्कूलों में 687 अटल टिंकरिंग लैब निर्मित की जा रही हैं। गरीबों तक शिक्षा की मूलभूत सुविधा पहुंचाने के लिए 5 लाख स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। जम्मू-कश्मीर के 92 कॉलेजों में कौशल केंद्रों (स्किल सेंटर) की स्थापना की गई है।



नई शिक्षा नीति के अनुरूप संसाधनों को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 20 प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए एलजी स्कॉलरशिप शुरू की गई है जिसके अंतर्गत प्रतिभावान युवाओं को विकास नीति से जोड़ा जा रहा है।

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