विस्थापित कश्मीरी पंडितों को बसाने के लिए स्थान चिह्नित
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जम्मू-कश्मीर से विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए राज्य सरकार घर वापसी की तैयारियों में जुट गई है। कश्मीरी पंडितों के लिए कालोनी बनाने की खातिर सरकार की तरफ से तीन स्थानों की पहचान की गई है।
इनकी पूरी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी गई है। अब मंत्रालय की तरफ से इन्हें हरी झंडी मिलने के बाद यहां काम शुरू हो सकेगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिन साइटों को चुना गया है, वे निजी लोगों की जमीन है।
इसके लिए राज्य सरकार ने सीधे इन जमीन मालिकों से संपर्क साधा है। जम्मू-कश्मीर सरकार यहां विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए रिहायशी कालोनी तैयार करेगी। इन तीन साइटों में से एक उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में स्थित है।
इऩ जगहों पर बनेगी कश्मीरी पंड़ितों की नई कॉलोनियां
यह जमीन कानिस्पोरा जोहेमा में कम से कम 200 कनाल फैली हुई है। यह जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे स्टेशन के करीब भी है। अन्य दो जमीनें, जो इसके लिए चुनी गईं हैं उनमें से एक कश्मीर के केंद्रीय भाग में और दूसरी दक्षिण में स्थित है। हालांकि, इन पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है।
गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को हिदायत दी है कि वह जल्द से जल्द कालोनी बनाने के लिए जमीन की तलाश करे, ताकि निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। इससे पहले सितंबर, 2014 में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए जल्द जमीन तय करने का सुझाव दिया था।
सिंह ने यह भी कहा था कि यह जमीन उन इलाकों के करीब चुनी जाए, जहां से इन लोगों ने विस्थापन किया था। उन्होंने आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया था।
देश में हैं 62 हजार पंजीकृत विस्थापित कश्मीरी पंडित
1990 में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ बढ़ते आतंकी हमलों के बाद कश्मीर पंडितों ने यहां से विस्थापन शुरू किया था। देश में करीब 62 हजार पंजीकृत विस्थापित कश्मीरी पंडित परिवार हैं। इसके अलावा कम से कम 40 हजार पंजीकृत विस्थापित परिवार जम्मू में रह रहे हैं।