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केरन ऑपरेशनः क्या सेना ने पीएम को गुमराह किया?

Mon, 21 Oct 2013 11:07 AM IST
अमर उजाला, जम्मू
अमर उजाला, जम्मू Updated Mon, 21 Oct 2013 11:07 AM IST
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keran operation questions on indian army claim

जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर के शालाभाटा में घुसपैठियों के खिलाफ चलाए गए सेना के ऑपरेशन पर सवाल उठने लगे हैं।

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सेना के आठ घुसपैठियों को मार गिराने के दावे और पुलिस में सेना की ओर से दर्ज एफआईआर में विरोधाभास है।

केंद्र और राज्य सुरक्षा एजेंसियों और सेना के दावों में समानता नहीं दिख रही है। इसलिए ऑपरेशन की सच्चाई पर भी संदेह जताया जा रहा है। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी केरन ऑपरेशन के संचालन पर उठ रहे सवालों पर चिंता जताई थी।

ऑपरेशन में सेना ने आतंकियों के बड़े गुट से मुठभेड़ की बात कही थी लेकिन 15 दिनों के बाद भी मौके से कुछ हासिल नहीं हो पाया।

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के विशेष दस्ते की शालाभाटा में घुसपैठ की सूचना पर ऑपरेशन चलाया गया था।

आठ अक्तूबर को सेना ने आठ घुसपैठियों को मारने और ऑपरेशन खत्म होने का ऐलान कर दिया जबकि ऑपरेशन पांच दिन बाद तक जारी रहा।

सूत्रों के मुताबिक बीएसएफ और सेना की संयुक्त टीम ने 8 अक्तूबर के पांच दिनों बाद तक शालाभाटा में तीन सीमांत चौकियों तक पहुंचने के लिए कार्रवाई जारी रखी।
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इससे पहले ऑपरेशन की शुरुआत में ही सेना ने 12 आतंकियों को मारने का दावा किया था लेकिन उनकी लाशें नहीं मिल सकी।

केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों ने भी केरन मुठभेड़ में सेना के दावों में कई खामियों को उजागर किया है।

सेना का घुसपैठ स्थल पर आठ घुसपैठियों को मार गिराने का दावा स्थानीय पुलिस में सेना की यूनिटों की ओर से दर्ज करवाई गई एफआईआर में पूरी तरह से मेल नहीं खा रहा है।
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क्या हैं सवाल

1. सेना ने 15 दिन तक चली मुठभेड़ के शुरुआत में ही 12 घुसपैठियों को मार गिराने का दावा किया। बाद में यह संख्या घटकर 8 पर आ गई। हालांकि मुठभेड़ स्थल से मिले शवों को मीडिया के सामने नहीं लाया जाना सबसे अहम सवाल है क्योंकि इससे पहले हुई मुठभेड़ों में सेना घुसपैठियों और मिले हथियारों को मीडिया को दिखाती रही है।


2. सेना ने 8 अक्तूबर को ऑपरेशन खत्म करने का ऐलान किया लेकिन बीएसएफ और सेना की संयुक्त टीम पांच दिन बाद तक ऑपरेशन चलाती रहीं।

3. पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर और सेना के दावों में भी विरोधाभास। सेना का कहना है कि उसने घुसपैठ स्थल पर आतंकियों को मार गिराया जबकि एफआईआर में कहा गया कि शालाभाटा से दूर तीन अलग अलग जगहों पर आतंकियों को ढेर किया गया।

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