फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Womens Held Protest For Drinking Water

Kathua News: महिलाओं ने दी चेतावनी, रोज पानी नहीं मिला तो हाईवे जाम करेंगी

विज्ञापन
Womens Held Protest For Drinking Water
गरा गांव से आई महिलाएं पानी की समस्या की जानकारी देते हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कठुआ। नेताओं ने वोट लेने थे तो चुनाव बहिष्कार का एलान होते ही गांव में तीन दिन लगातार पानी दिया गया लेकिन चुनाव संपन्न हुए तो फिर वही हालात हैं। दसवें दिन पानी की आपूर्ति मिलती है, उस पर भी यदि लाइनमैन छुट्टी चला जाए, मोटर खराब हो जाए तो फिर यह नहीं पता होता कि अगली आपूर्ति कब होगी। आजादी के सात दशक बाद भी यह हालात नरक में रहने से कम नहीं हैं।
यह बातें हीरानगर के गरा गांव से आए महिलाओं ने डीसी कार्यालय के बाहर अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि सोमवार तक पानी नहीं आया तो पूरा गांव डीसी कार्यालय के बाहर आकर धरना देगा और जरूरत पड़ी तो हाईवे भी जाम किया जाएगा। शनिवार को गरा से महिलाओं का शिष्टमंडल डीसी कठुआ से मिलने पहुंचा था। शिष्टमंडल में शामिल अनिता शर्मा ने बताया कि गांव में पेयजल आपूर्ति को लेकर बहुत बुरा हाल है।
विज्ञापन

नौवें या दसवें दिन पानी की सप्लाई आती है। आए दिन पंप खराब हो जाता है, कभी टैंकर खराब या पानी की आपूर्ति करने वाले कर्मी छुट्टी चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि दिन की शुरुआत होते ही परेशान हो जाते हैं कि क्या किया जाए। पानी लेने कहां जाएं। बताया कि डीसी ने आश्वासन दिया है कि मोटर शनिवार शाम तक लग जाएगी और रविवार को पानी की सप्लाई मिल जाएगी। लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो पूरा गांव डीसी दफ्तर के बाहर आकर धरना देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

आजादी के बाद दशकों से ही पानी की किल्लत झेल रहे कंडी क्षेत्र के गांव गरा के लोगों की स्थिति न तो राज्य रहते बदली और न ही केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद। जनप्रतिनिधियों और नेताओं के झूठे वादों को लेकर ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव बहिष्कार की घोषणा भी की थी जिसके बाद पानी की सप्लाई मिली तो ग्रामीणों को लगा कि समस्या का समाधान हो गया। लेकिन हालात नहीं बदले।
ग्रामीण वैष्णो दत्त ने कहा गांव में पानी की समस्या इस कदर है कि यहां से लोग पलायन कर रहे हैं। सड़क बिजली की सुविधा तो है लेकिन पानी की सुविधा न होने के कारण युवा पीढ़ी गांव छोड़ रही है। जब हमारे बच्चे ही यहां नहीं रहेंगे तो हम इस गांव को क्या करेंगे। पानी की समस्या के समाधान को लेकर न तो विभाग गंभीर है और न ही जनप्रतिनिधि। कहा कि वोट चाहिए थे तो पानी की सप्लाई छोड़ दी गई लेकिन अब पानी क्यूं नहीं है।

.................

25 साल पहले शादी कर गांव में आई, तब से नल देखते ही गुजर जाता है पूरा दिन


स्थानीय निवासी रीता देवी ने बताया कि 25 वर्ष पहले शादी कर इस गांव में आई थीं। जो पानी की समस्या तब थी वही आज भी है। पूरा दिन नल को देखते गुजर जाता है कि कब इसमें से पानी की बूंद टपकेगी। उन्होंने कहा अब हमने अपने रिश्तेदारों के घर भी जाना छोड़ दिया है कि कहीं पीछे से पानी आया तो कौन भरेगा। सभी पार्टियों को चुनाव में हमने वोट दिए लेकिन हमारी समस्या किसी ने हल नहीं की। इस बार भी धोखा ही मिला।


.............


साल में 24 बार मिलता है पानी, टैंकर आए तो सिर पर ढोते हैं



गांव की महिला बेबी शर्मा ने कहा हमारे गांव में महीने में दो बार के हिसाब से साल में 24 बार पानी आता है। गांव में कभी कभार पानी का टैंकर आ जाए तो महिलाओं को लगभग 700 से 800 मीटर तक सर पर पानी ढोना पड़ता है। यह समस्या आज की नहीं बल्कि वर्षों पुरानी है। नेता लोग वोट मांगने तो आ जाते हैं लेकिन हमारी इस समस्या को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed