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Kathua News: पहचान खोने के कगार पर जनाना चिल्ड्रन पार्क, सुरक्षा व सुविधा के अभाव में महिलाओं ने किया किनारा
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कठुआ। शहर के मध्य में महिलाओं के लिए विशेष रूप से विकसित चिल्ड्रन पार्क अपना अस्तित्व खो रहा है। जनाना चिल्ड्रन पार्क को करीब डेढ़ दशक पहले सैरगाह के लिए बनाया गया था जो अब युवाओं की महज मौजूदगी तक सीमित हो गया है। सुरक्षा और असुविधाओं के कारण महिलाओं को पार्क से मोह भंग हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि शौचालय पर ताला लटका है, जगह-जगह कचरा फैला है और कर्मचारियों की निष्क्रियता के कारण आवारा कुत्ते पार्क में घूम रहे हैं।
ऐसे में पार्क जो कभी महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुखद वातावरण का प्रतीक था, आज उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार होकर अपनी मूल पहचान खोने की स्थिति में है। स्थानीय महिला इंदू बाला बताती हैं कि पहले यहां पुलिस तैनात रहती थी, जिससे महिलाएं निश्चिंत होकर आती थीं। समय के साथ सुरक्षा व्यवस्था खत्म हो गई। पार्क में कई बार युवाओं-युवतियों की हरकतें असहज कर देती हैं। इस कारण भी महिलाओं ने पार्क से किनारा करना बेहतर समझा है।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहिंदर सिंह का कहना है कि संबंधित विभाग की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कुछ महीने पहले लगाए गए झूले टूट चुके हैं, पार्क की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाया गया फव्वारा वर्षों से बंद है और शौचालय भी अनुपयोगी है। नशे का सेवन करने वालों की मौजूदगी ज्यादा बढ़ गई है। महिलाओं ने पार्क में सुरक्षा के साथ सुविधाओं को सुनिश्चित बनाने की मांग की, ताकि जिस उद्देश्य के साथ पार्क को विकसित किया गया है, वह पूरा हो सके।
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ऐसे में पार्क जो कभी महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुखद वातावरण का प्रतीक था, आज उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार होकर अपनी मूल पहचान खोने की स्थिति में है। स्थानीय महिला इंदू बाला बताती हैं कि पहले यहां पुलिस तैनात रहती थी, जिससे महिलाएं निश्चिंत होकर आती थीं। समय के साथ सुरक्षा व्यवस्था खत्म हो गई। पार्क में कई बार युवाओं-युवतियों की हरकतें असहज कर देती हैं। इस कारण भी महिलाओं ने पार्क से किनारा करना बेहतर समझा है।
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सामाजिक कार्यकर्ता मोहिंदर सिंह का कहना है कि संबंधित विभाग की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कुछ महीने पहले लगाए गए झूले टूट चुके हैं, पार्क की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाया गया फव्वारा वर्षों से बंद है और शौचालय भी अनुपयोगी है। नशे का सेवन करने वालों की मौजूदगी ज्यादा बढ़ गई है। महिलाओं ने पार्क में सुरक्षा के साथ सुविधाओं को सुनिश्चित बनाने की मांग की, ताकि जिस उद्देश्य के साथ पार्क को विकसित किया गया है, वह पूरा हो सके।
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