कठुआ। जीएमसी कठुआ में प्रसव के बाद महिला की हुई मौत को लेकर परिजनों ने इस घटना के लिए डॉक्टरों पर लापरवाही किए जाने का आरोप लगाया है। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने रोष जताते हुए अस्पताल में घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। वहीं लोगों के बढ़ते रोष को देखते हुए अस्पताल की अधीक्षक डॉ. संगीता अजरावत ने इस मामले की जांच करने के लिए एक कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया। तीन दिनों में कमेटी जांच रिपोर्ट देगी। इसके बाद ही दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
मृतका के पति सुनील कुमार ने बताया कि गत 13 जून को उसने अपनी 28 वर्षीय पत्नी अनीता रानी को सुरक्षित प्रसव की आस में जीएमसी कठुआ में भर्ती करवाया। जहां 14 जून की रात 9 बजे के बाद वहां तैनात डॉ. शिल्पा ने उनकी पत्नी का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन होने के बाद उन्हें बताया गया गया कि उन्हें बेटा हुआ है, लेकिन काफी देर तक जब उनकी पत्नी को वार्ड में शिफ्ट नहीं किया गया तो वे जब इस बारे में पूछने गए तो अस्पताल स्टाफ ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें बाहर इंतजार करने के लिए भेज दिया। थोड़ा समय और बीतने के बाद उनकी पत्नी को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए अस्पताल का ही एक कर्मचारी उन्हें मदद करवाने के लिए अंदर लेकर गया। जैसे ही उन्होंने अपनी पत्नी को उठाया तो उसके नीचे काफी खून फैला देखा और इस बारे में स्वास्थ्यकर्मियों को बताया तो पता चला की उनकी पत्नी की ब्लीडिंग ज्यादा हो रही है। लगातार हो रही ब्लीडिंग से जब उनकी पत्नी की हालत खराब होने लगी तो उसे दो बजे रात को जम्मू रेफर कर दिया गया। गंभीर अवस्था में उनकी पत्नी को जिस एंबुलेंस से रेफर किया गया, उसमें न तो ऑक्सीजन की व्यवस्था थी और न ही मरीज की देखभाल के लिए कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी भेजा गया। सुबह चार बजे जब वह जम्मू पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने पत्नी की मौत के लिए उसका ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि चड़वाल में निजी क्लीनिक पर अपनी सेवाएं देने वाली उक्त डॉक्टर से गर्भावस्था के समय से ही उसका उपचार किया और ऑपरेशन भी किया। अगर उनकी पत्नी की स्थिति नाजुक थी तो उन्हें इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी, जबकि ऐसा नही किया गया। सारा मामला डॉक्टर की लापरवाही से जुड़ा है। उन्होंने पत्नी की मौत के लिए दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।