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भारी बारिश ने जिले में मचाई तबाही, पुलिस ने बचाई बाढ़ में फंसी 15 जिंदगियां
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कठुआ/बिलावर/बसोहली/बनी। पहाड़ी इलाकों में बुधवार तड़के हुई जोरदार बारिश के बाद दरिया और नालों में जबरदस्त उफान आ गया। कई इलाकों में बाढ़ आ गई। कठुआ और हीरानगर में उज्ज दरिया में आई बाढ़ से छब्बे चक का तटबंध ध्वस्त हो गया है। इस दौरान 15 लोग उफनती लहरों के बीच फंस गए। इन लोगों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला। सैकड़ों एकड़ भूमि पर लहलहाती फसल चौपट हो गई। आपदा जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी सतर्क हो गई। पुलिस की ओर से लोगों को विभिन्न थानों के संपर्क नंबर एडवाइजरी के साथ जारी कर दिए गए हैं, जिसमें उन्हें नदी नालों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। पुलिस की मदद से राजबाग थाना पुलिस और एसडीआरएफ ने घंटों बचाव अभियान चलाते हुए सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। इस बाढ़ की चुनौतियों से निपटने में तमाम इंतजाम बौने साबित हो गए। बाढ़ को देखते हुए दरिया से सटे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार उज्ज दरिया में सबसे अधिक 62 हजार क्यूसेक पानी का बहाव दोपहर एक बजे के लगभग दर्ज हुआ है, जिसके बाद जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। तंगदेवपुर और पंडोरी के इलाकों में भी फसलों को बाढ़ के पानी ने नुकसान पहुंचाया है। दरिया किनारे बसे खानाबदोशों के घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया। जानकारी के अनुसार बुधवार तड़के शिवालिक और सटे पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश हुई। मैदानी इलाकों में भी तड़के आसमानी बिजली की गड़गड़ाहट के बीच 50 एमएम बारिश दर्ज की गई है। पहाड़ों पर बारिश का पैमाना 100 एमएम के लगभग रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते मिट्टी में नमी है। ऐसे में दरिया, नालों और नदियां उफान पर आना शुरू हो गई हैं। उज्ज दरिया में खतरे का निशान 70 हजार क्यूसेक है, जिसे देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग भी सतर्क हो गया है। उज्ज बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति और भी खतरनाक हो गई, जब छब्बे चक का तटबंध बह गया। पुलिस ने इन इलाकों में बचाव अभियान चलाते हुए लोगों को बहाव से सुरक्षित निकाल लिया। अलबत्ता दरिया से सटे आवासीय इलाकों में दहशत का माहौल व्याप्त है।
दर्जनों सड़क संपर्क हुए भंग, पस्सियां गिरने से ठप रहा यातायात
कठुआ/बनी। बनी सब डिवीजन के इलाकों में भी 78 एमएम के लगभग बारिश दोपहर तक दर्ज की जा चुकी थी। इसके चलते पहाड़ दरकने का सिलसिला भी तेज हो गया है। बनी बसोहली मार्ग जहां कई जगह पस्सियां गिरने से ठप हो गया। वहीं, बनी भद्रवाह और बनी डुग्गन मार्ग पर भी आवाजाही भारी बारिश और पस्सियां गिरने से प्रभावित हुई है। बनी डुग्गन मार्ग पर पनियालग और नलूंड के नजदीक पस्सियां गिर गईं। बिलावर कटली मार्ग के साथ-साथ अन्य कई सड़क संपर्क भी भारी बारिश के चलते प्रभावित हुए हैं। धार उधमपुर मार्ग के किनारे सटे इलाके भी बारिश के चलते भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। इससे आने वाले दिनों में सड़क का कटाव भी शुरू हो जाएगा। कोहग भटौडी मार्ग पर हुए भूस्खलन को विभाग ने जेसीबी की सहायता से हटाया। बिलावर दियालाचक मार्ग के कई नाले उफान पर रहे। इससे छोटे वाहनों को लगातार मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। ठेंठू को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का कॉज वे भी बाढ़ के बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया है। एसडीएम बनी जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने कहा कि सभी संपर्क सड़कों को दोपहर तक बहाल कर दिया गया है।
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जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक कच्चे घर क्षतिग्रस्त, दर्जनों को आंशिक नुकसान
कठुआ/बिलावर। कठुआ जिले के महानपुर, बिलावर, बसोहली के इलाकों के कई घरों को आंशिक नुकसान की जानकारी है। महानपुर में आठ घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। बिलावर, रामकोट के इलाकों में भी कई घर बारिश और भूस्खलन से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई घरों में दरारें भी आई हैं। कठुआ की बिलावर तहसील में भूस्खलन की चपेट में आने से कटली पंचायत के बाथर वार्ड 7 में पूर्ण सिंह के घर को नुकसान पहुंचा है। इससे संयुक्त परिवारों के 45 लोग प्रभावित हुए हैं। बग्गन लोअर में शोरी लाल के दो घरों को जबकि जानू पंचायत सुकराला में भी कई घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही बिलावर, किशनपुर, ढ़क्की बग्गन, कटली सहित कई अन्य सड़कों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।
सेवा दरिया में बढ़ा जलस्तर, खोले गए बांध के गेट
कठुआ। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बीच बनी में सेवा दरिया में भी लगातार जलस्तर बढ़ा हुआ है। सेवा दरिया में जलाशय का स्तर 1,196 मीटर पहुंचने के बाद शाम सात बजे के लगभग बांध के चार गेट आंशिक रूप से खोल दिए गए हैं। उधर, सेवा परियोजना की 120 मेगावाट क्षमता से भी अधिक 125 मेगावाट का बिजली उत्पादन किया जा रहा है। रंजीत सागर बांध में भी जलस्तर बढ़कर 510.25 मीटर पहुंच गया है। बांध में पानी का इनफ्लो 14,816 क्यूसेक और आउटफ्लो 11,130 क्यूसेक दर्ज किया गया है।े
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बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार उज्ज दरिया में सबसे अधिक 62 हजार क्यूसेक पानी का बहाव दोपहर एक बजे के लगभग दर्ज हुआ है, जिसके बाद जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। तंगदेवपुर और पंडोरी के इलाकों में भी फसलों को बाढ़ के पानी ने नुकसान पहुंचाया है। दरिया किनारे बसे खानाबदोशों के घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया। जानकारी के अनुसार बुधवार तड़के शिवालिक और सटे पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश हुई। मैदानी इलाकों में भी तड़के आसमानी बिजली की गड़गड़ाहट के बीच 50 एमएम बारिश दर्ज की गई है। पहाड़ों पर बारिश का पैमाना 100 एमएम के लगभग रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते मिट्टी में नमी है। ऐसे में दरिया, नालों और नदियां उफान पर आना शुरू हो गई हैं। उज्ज दरिया में खतरे का निशान 70 हजार क्यूसेक है, जिसे देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग भी सतर्क हो गया है। उज्ज बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति और भी खतरनाक हो गई, जब छब्बे चक का तटबंध बह गया। पुलिस ने इन इलाकों में बचाव अभियान चलाते हुए लोगों को बहाव से सुरक्षित निकाल लिया। अलबत्ता दरिया से सटे आवासीय इलाकों में दहशत का माहौल व्याप्त है।
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दर्जनों सड़क संपर्क हुए भंग, पस्सियां गिरने से ठप रहा यातायात
कठुआ/बनी। बनी सब डिवीजन के इलाकों में भी 78 एमएम के लगभग बारिश दोपहर तक दर्ज की जा चुकी थी। इसके चलते पहाड़ दरकने का सिलसिला भी तेज हो गया है। बनी बसोहली मार्ग जहां कई जगह पस्सियां गिरने से ठप हो गया। वहीं, बनी भद्रवाह और बनी डुग्गन मार्ग पर भी आवाजाही भारी बारिश और पस्सियां गिरने से प्रभावित हुई है। बनी डुग्गन मार्ग पर पनियालग और नलूंड के नजदीक पस्सियां गिर गईं। बिलावर कटली मार्ग के साथ-साथ अन्य कई सड़क संपर्क भी भारी बारिश के चलते प्रभावित हुए हैं। धार उधमपुर मार्ग के किनारे सटे इलाके भी बारिश के चलते भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। इससे आने वाले दिनों में सड़क का कटाव भी शुरू हो जाएगा। कोहग भटौडी मार्ग पर हुए भूस्खलन को विभाग ने जेसीबी की सहायता से हटाया। बिलावर दियालाचक मार्ग के कई नाले उफान पर रहे। इससे छोटे वाहनों को लगातार मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। ठेंठू को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का कॉज वे भी बाढ़ के बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया है। एसडीएम बनी जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने कहा कि सभी संपर्क सड़कों को दोपहर तक बहाल कर दिया गया है।
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जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक कच्चे घर क्षतिग्रस्त, दर्जनों को आंशिक नुकसान
कठुआ/बिलावर। कठुआ जिले के महानपुर, बिलावर, बसोहली के इलाकों के कई घरों को आंशिक नुकसान की जानकारी है। महानपुर में आठ घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। बिलावर, रामकोट के इलाकों में भी कई घर बारिश और भूस्खलन से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई घरों में दरारें भी आई हैं। कठुआ की बिलावर तहसील में भूस्खलन की चपेट में आने से कटली पंचायत के बाथर वार्ड 7 में पूर्ण सिंह के घर को नुकसान पहुंचा है। इससे संयुक्त परिवारों के 45 लोग प्रभावित हुए हैं। बग्गन लोअर में शोरी लाल के दो घरों को जबकि जानू पंचायत सुकराला में भी कई घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही बिलावर, किशनपुर, ढ़क्की बग्गन, कटली सहित कई अन्य सड़कों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।
सेवा दरिया में बढ़ा जलस्तर, खोले गए बांध के गेट
कठुआ। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बीच बनी में सेवा दरिया में भी लगातार जलस्तर बढ़ा हुआ है। सेवा दरिया में जलाशय का स्तर 1,196 मीटर पहुंचने के बाद शाम सात बजे के लगभग बांध के चार गेट आंशिक रूप से खोल दिए गए हैं। उधर, सेवा परियोजना की 120 मेगावाट क्षमता से भी अधिक 125 मेगावाट का बिजली उत्पादन किया जा रहा है। रंजीत सागर बांध में भी जलस्तर बढ़कर 510.25 मीटर पहुंच गया है। बांध में पानी का इनफ्लो 14,816 क्यूसेक और आउटफ्लो 11,130 क्यूसेक दर्ज किया गया है।े