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Kathua News: गर्मी के टूटे सभी रिकाॅर्ड, कठुआ में ऑल टाइम हाई 48.1 डिग्री सेल्सियस रहा तापमान
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कठुआ। जिले में गर्मी ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। 28 मई को जिले में दर्ज किए गए 47.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के बाद मंगलवार को अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है। मंगलवार को आईएमडी के ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन पर पारा 48.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र ने 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया है। कठुआ में तापमान निगरानी तंत्र स्थापित होने के बाद यह आज तक का सबसे अधिक तापमान था। उधर, मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 18 मई तक फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। कठुआ के निकटवर्ती पठानकोट का तापमान मंगलवार को 46.9 दर्ज किया गया।
एक पखवाड़े के बीच ही कठुआ का तापमान दूसरी बार 47 पार कर गया है जिससे कृषि वैज्ञानिक भी चिंतित हैं। सोमवार को 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुए तापमान के बाद असामान्य रूप से रात के तापमान में बढ़त दर्ज नहीं की गई हैे। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इसका सीधा असर फसल, सब्जियों और फलों की पैदावार पर भी पड़ने की संभावना है। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ ने किसानाें के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। जिसमें धान की नर्सरी में उन्हें दिन के समय पानी एकत्रित न करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक पानी का तापमान बढ़ने से फसल नष्ट हो सकती है। ऐसे में सूरज ढलने के बाद ही नर्सरी में पानी एकत्रित कर सिंचाई की जाए।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल 18 जून तक मौसम में राहत के आसार न के बराबर हैं। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली किसी डिस्टरबेंस से मौसम बिगड़ सकता है लेकिन बारिश की संभावना फिलहाल के आकलन के अनुसार 18 जून तक नहीं है। लिहाजा गर्मी और लू का यह प्रकोप जारी रह सकता है।
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एक पखवाड़े के बीच ही कठुआ का तापमान दूसरी बार 47 पार कर गया है जिससे कृषि वैज्ञानिक भी चिंतित हैं। सोमवार को 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुए तापमान के बाद असामान्य रूप से रात के तापमान में बढ़त दर्ज नहीं की गई हैे। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इसका सीधा असर फसल, सब्जियों और फलों की पैदावार पर भी पड़ने की संभावना है। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ ने किसानाें के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। जिसमें धान की नर्सरी में उन्हें दिन के समय पानी एकत्रित न करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक पानी का तापमान बढ़ने से फसल नष्ट हो सकती है। ऐसे में सूरज ढलने के बाद ही नर्सरी में पानी एकत्रित कर सिंचाई की जाए।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल 18 जून तक मौसम में राहत के आसार न के बराबर हैं। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली किसी डिस्टरबेंस से मौसम बिगड़ सकता है लेकिन बारिश की संभावना फिलहाल के आकलन के अनुसार 18 जून तक नहीं है। लिहाजा गर्मी और लू का यह प्रकोप जारी रह सकता है।
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