{"_id":"672295267ab71354530d51f4","slug":"vishal-kumar-clear-the-jkas-exam-kathua-news-c-201-1-knt1008-114490-2024-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: चतुर्थ श्रेणी पर जीएमसी कठुआ में की नौकरी, अब विशाल बना जेकेएस अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: चतुर्थ श्रेणी पर जीएमसी कठुआ में की नौकरी, अब विशाल बना जेकेएस अधिकारी
विज्ञापन
-दूर दराज क्षेत्र बनी के होनदार ने मजदूर पिता के सपनों को किया साकार
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बनी मुख्यालय से प्रतिदिन 10 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर घर पहुंचना, मजदूर पिता के सपनों को साकार करने का लक्ष्य और अथक मेहनत ने बनी सब डिवीजन के विशाल कुमार को जेकेएएस अधिकारी बना दिया।
आर्थिक रूप से काफी पिछड़े हुए परिवार से ताल्लुक रखने वाले विशाल की मजबूरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी परिवार चलाने के लिए जीएमसी कठुआ में चतुर्थ श्रेणी की मिल रही नौकरी को ज्वाइन कर लिया। मंगलवार की रात बारह बजे के लगभग विशाल के पिता ने फोन कर उसे मुबारकबाद दी तो उसकी जिंदगी ही बदल गई। परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। विशाल कुमार ने जेकेपीएससी की ओर से घोषित परिणाम में 60वीं रैंक हासिल की है। उसकी मेहनत पर न सिर्फ उसके माता-पिता बल्कि पूरे बनी उप मंडल को नाज है।
विशाल ने बताया कि उनके लिए बनी से जेकेएएस का सफर इतना आसान नहीं था। परिवार के सदस्याें के प्रोत्साहन से उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए घर तक छोड़ दिया और जम्मू में जाकर शिक्षा हासिल की। बताया कि बनी डिग्री कॉलेज में विज्ञान विषय होता तो शायद उनके सपने यहीं साकार होते। उन्होंने परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए चतुर्थ श्रेणी की नौकरी के लिए आवेदन किया। इन दिनों वे जीएमसी कठुआ में बतौर एमटीएस काम कर रहे हैं। उधर, कठुआ में रह रहे विशाल को जहां बधाई देने वालों के लगातार फोन कॉल आ रहे थे वहीं लोग घर जाकर परिवार को मुबारकबाद दे रहे हैं। विशाल के अनुसार क्षेत्र की विपरीत परिस्थितियों ने ही उन्हें मेहनत करने की प्रेरणा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बनी मुख्यालय से प्रतिदिन 10 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर घर पहुंचना, मजदूर पिता के सपनों को साकार करने का लक्ष्य और अथक मेहनत ने बनी सब डिवीजन के विशाल कुमार को जेकेएएस अधिकारी बना दिया।
आर्थिक रूप से काफी पिछड़े हुए परिवार से ताल्लुक रखने वाले विशाल की मजबूरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी परिवार चलाने के लिए जीएमसी कठुआ में चतुर्थ श्रेणी की मिल रही नौकरी को ज्वाइन कर लिया। मंगलवार की रात बारह बजे के लगभग विशाल के पिता ने फोन कर उसे मुबारकबाद दी तो उसकी जिंदगी ही बदल गई। परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। विशाल कुमार ने जेकेपीएससी की ओर से घोषित परिणाम में 60वीं रैंक हासिल की है। उसकी मेहनत पर न सिर्फ उसके माता-पिता बल्कि पूरे बनी उप मंडल को नाज है।
विज्ञापन
विशाल ने बताया कि उनके लिए बनी से जेकेएएस का सफर इतना आसान नहीं था। परिवार के सदस्याें के प्रोत्साहन से उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए घर तक छोड़ दिया और जम्मू में जाकर शिक्षा हासिल की। बताया कि बनी डिग्री कॉलेज में विज्ञान विषय होता तो शायद उनके सपने यहीं साकार होते। उन्होंने परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए चतुर्थ श्रेणी की नौकरी के लिए आवेदन किया। इन दिनों वे जीएमसी कठुआ में बतौर एमटीएस काम कर रहे हैं। उधर, कठुआ में रह रहे विशाल को जहां बधाई देने वालों के लगातार फोन कॉल आ रहे थे वहीं लोग घर जाकर परिवार को मुबारकबाद दे रहे हैं। विशाल के अनुसार क्षेत्र की विपरीत परिस्थितियों ने ही उन्हें मेहनत करने की प्रेरणा दी।
विज्ञापन