फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Villagers made aware about environmental protection

Kathua News: पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रामीणों को किया जागरूक

Thu, 06 Jun 2024 05:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Thu, 06 Jun 2024 05:14 AM IST
विज्ञापन
Villagers made aware about environmental protection
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कठुआ। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ द्वारा गांव सैद-सोहल में विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जम्मू के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत केवीके-कठुआ की निक्रा परियोजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने पर्यावरण में होने वाले बदलाव से ग्रामीणों को परिचित करवाया और उन्हें इससे निपटने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जम्मू के कुलपति डॉ. बीएन त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जम्मू के निदेशक विस्तार डॉ. अमरीश वैद मुख्य अतिथि रहे। इस मौके पर केवीके कठुआ के मुख्य वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विशाल महाजन ने मुख्य अतिथि, किसानों और कृषि महिलाओं का स्वागत किया। वहीं, डॉ. अमरीश वैद ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरणीय चुनौतियों पर प्रकाश डालता है।उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में धरती की 40 प्रतिशत भूमि क्षरित हो चुकी है, जिसका सीधा असर दुनिया की आधी आबादी पर पड़ रहा है। अगर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो 2050 तक दुनिया की तीन-चौथाई से अधिक आबादी सूखे से प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन

डॉ. विशाल महाजन ने ग्रामीणों को बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस का बीज 1972 में बोया गया था। 5 जून को स्वीडन के स्टॉकहोम में आयोजित मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन ने पर्यावरण संरक्षण पर महत्वपूर्ण चर्चाओं को जन्म दिया। इस महत्वपूर्ण क्षण का सम्मान करने के लिए पहला आधिकारिक विश्व पर्यावरण दिवस एक साल बाद 1973 में मनाया गया और तब से यह परंपरा उसी तिथि को जारी है। विश्व पर्यावरण दिवस आम लोगों को एक स्थायी भविष्य के लिए पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रेरित करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मौके पर डॉ. अनामिका जामवाल मुख्य वैज्ञानिक (पौधा संरक्षण) ने जोर दिया कि पर्यावरण दिवस का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, कार्रवाई को संगठित करना और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। डॉ. बरजेश अजरावत वरिष्ठ वैज्ञानिक (कृषि विस्तार) ने ने कहा कि 5 जून को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की देखभाल करने के हमारे सामूहिक कर्तव्य का एक शक्तिशाली अनुस्मारक है। हम सभी अपने दैनिक जीवन में स्थायी प्रथाओं को अपनाकर, संसाधनों का संरक्षण करके और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों की वकालत करके सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

इस कार्यक्रम में सुशांत शर्मा और अमित कुमार ने विभिन्न खरीफ फसलों और मशरूम की साल भर की खेती के पैकेज और प्रथाओं को भी साझा किया। कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील किसान सुदर्शन शर्मा, सोम दत्त, मस्त राम, परवीन सिंह और किसान महिला राज करनी देवी ने भी अपने अनुभव साझा किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed