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वैक्सीन की कमी से थमी टीकाकरण की रफ्तार
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कोरोना की तीसरी लहर के डर के बीच टीकाकरण की रफ्तार कम होना चिंताजनक है। लोग कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द उनका टीकाकरण हो, लेकिन उन्हें टीकाकरण केंद्रों से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
उपमंडल टीकाकरण में जिले में अव्वल नंबर पर चल रहा था, लेकिन अब बहुत से केंद्रों में वैक्सीन नहीं है। इसका कारण पर्याप्त वैक्सीन न मिलना बताया जा रहा है। ज्यादातर 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोग टीकाकरण से वंचित हैं। जिन लोगों के पास समय और साधन है, वह कठुआ में जाकर टीकाकरण करा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार उपमंडल के बहुत से केंद्रों पर पिछले करीब 15 दिनों से वैक्सीन की किल्लत चल रही है। कुछ केंद्रों पर दिन में मात्र 2 से 3 लोगों का ही टीकाकरण किया जा रहा है। बीएमओ स्वामी शरण ने बताया की वैक्सीन की शॉर्टेज की वजह से सभी केंद्रों को पर्याप्त वैक्सीन नहीं मिल रही है।
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उन्होंने कहा कि मंगलवार को हमारे पास ढाई सौ टीके पहुंचे, जिनमें से सौ अस्पताल में आने वाले लोगों के लिए रखे गए, बाकी ग्रामीण इलाकों में बने टीकाकरण केंद्रों में बांट दिए गए। केंद्रों के लिए यह काफी नही हैं।
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उपमंडल टीकाकरण में जिले में अव्वल नंबर पर चल रहा था, लेकिन अब बहुत से केंद्रों में वैक्सीन नहीं है। इसका कारण पर्याप्त वैक्सीन न मिलना बताया जा रहा है। ज्यादातर 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोग टीकाकरण से वंचित हैं। जिन लोगों के पास समय और साधन है, वह कठुआ में जाकर टीकाकरण करा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार उपमंडल के बहुत से केंद्रों पर पिछले करीब 15 दिनों से वैक्सीन की किल्लत चल रही है। कुछ केंद्रों पर दिन में मात्र 2 से 3 लोगों का ही टीकाकरण किया जा रहा है। बीएमओ स्वामी शरण ने बताया की वैक्सीन की शॉर्टेज की वजह से सभी केंद्रों को पर्याप्त वैक्सीन नहीं मिल रही है।
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उन्होंने कहा कि मंगलवार को हमारे पास ढाई सौ टीके पहुंचे, जिनमें से सौ अस्पताल में आने वाले लोगों के लिए रखे गए, बाकी ग्रामीण इलाकों में बने टीकाकरण केंद्रों में बांट दिए गए। केंद्रों के लिए यह काफी नही हैं।