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Kathua News: ट्रॉमा केयर की सुविधा देगी सुकून
Sun, 17 Nov 2024 02:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 17 Nov 2024 02:37 AM IST
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23 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण, 20 महीने में पूरा होना है काम
ट्रॉमा केयर के ज्यादातर मामले कठुआ अस्पताल से होते रहे हैं रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर ट्रॉमा केयर की सुविधा पर तेजी से काम शुरू हो गया है। जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल परिसर में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया जा रहा है। इस ब्लॉक का निर्माण 23 करोड़ की भारी भरकम राशि से आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के तहत हो रहा है।
अब तक ट्रामा केयर के ज्यादातर मामले गंभीर परिस्थितियों में कठुआ से जम्मू रेफर होते रहे हैं। अलग से क्रिटिकल केयर की सुविधा और इंटीग्रेटिड लैब के तैयार होने के बाद रेफर किए जाने वाले मामलों में भी भारी कमी आएगी। दरअसल, क्रिटिकल केयर की सुविधा का जिला मुख्यालय स्तर पर तैयार होना संभाग के बड़े अस्पतालों पर बोझ को भी कम करेगा। ज्यादातर गंभीर मामलों का उपचार कठुआ में ही संभव होने के बाद मरीजों को पंजाब के निजी अस्पतालों में भी चक्कर नहीं काटने होंगे। अस्पताल में वर्तमान आपात स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के रूप में इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक को देखा जा रहा है। इसका काम इसी साल शुरू हुआ है। परियोजना को बीस माह की अवधि में तैयार कर लिया जाएगा।
मुख्य इमारत से अलग बन रहा ब्लॉक
जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल की इमरजेंसी के नजदीक ही एक अलग इमारत तैयार कर क्रिटिकल केयर अस्पताल और ब्लॉक तैयार किया जा रहा है। दरअसल, इस योजना के तहत किसी भी बड़ी महामारी के समय इस ब्लॉक को अस्पताल की रुटीन इमरजेंसी से अलग काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है। ऐसे में अस्पताल की रूटीन व्यवस्था को प्रभावित किए बिना इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक का इस्तेमाल किया जा सकेगा। ब्लॉक में आपातकालीन क्षेत्र और आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड, ओटी, लेबर-डिलीवरी-रिकवरी रूम (एलडीआर) के साथ नवजात शिशु देखभाल कॉर्नर आदि सहित महत्वपूर्ण देखभाल के लिए इकाइयां होंगी। इमेजिंग सुविधा, आहार सेवाएं, मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री के साथ इस ब्लॉक को मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र/ऑक्सीजन आपूर्ति, एयर हैंडलिंग यूनिट (एएचयू) आदि और संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सक्षम किया जाएगा। सुविधा के तहत आईसीयू में दस और एचडीयू में छह बेड की सुविधा रहेगी जिसमें से दो दो शिशुओं के लिए उपलब्ध रहेंगे।
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कोट
जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल परिसर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का काम तेजी से जारी है। इसमें 50 बेड का क्रिटिकल केयर और इंटीग्रेटिड लैब भी शामिल होगी। 23 करोड़ से इस परियोजना को आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम के तहत तैयार किया जा रहा है।
डॉ. सुरेंद्र अत्री, प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ
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ट्रॉमा केयर के ज्यादातर मामले कठुआ अस्पताल से होते रहे हैं रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर ट्रॉमा केयर की सुविधा पर तेजी से काम शुरू हो गया है। जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल परिसर में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया जा रहा है। इस ब्लॉक का निर्माण 23 करोड़ की भारी भरकम राशि से आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के तहत हो रहा है।
अब तक ट्रामा केयर के ज्यादातर मामले गंभीर परिस्थितियों में कठुआ से जम्मू रेफर होते रहे हैं। अलग से क्रिटिकल केयर की सुविधा और इंटीग्रेटिड लैब के तैयार होने के बाद रेफर किए जाने वाले मामलों में भी भारी कमी आएगी। दरअसल, क्रिटिकल केयर की सुविधा का जिला मुख्यालय स्तर पर तैयार होना संभाग के बड़े अस्पतालों पर बोझ को भी कम करेगा। ज्यादातर गंभीर मामलों का उपचार कठुआ में ही संभव होने के बाद मरीजों को पंजाब के निजी अस्पतालों में भी चक्कर नहीं काटने होंगे। अस्पताल में वर्तमान आपात स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के रूप में इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक को देखा जा रहा है। इसका काम इसी साल शुरू हुआ है। परियोजना को बीस माह की अवधि में तैयार कर लिया जाएगा।
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मुख्य इमारत से अलग बन रहा ब्लॉक
जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल की इमरजेंसी के नजदीक ही एक अलग इमारत तैयार कर क्रिटिकल केयर अस्पताल और ब्लॉक तैयार किया जा रहा है। दरअसल, इस योजना के तहत किसी भी बड़ी महामारी के समय इस ब्लॉक को अस्पताल की रुटीन इमरजेंसी से अलग काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है। ऐसे में अस्पताल की रूटीन व्यवस्था को प्रभावित किए बिना इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक का इस्तेमाल किया जा सकेगा। ब्लॉक में आपातकालीन क्षेत्र और आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड, ओटी, लेबर-डिलीवरी-रिकवरी रूम (एलडीआर) के साथ नवजात शिशु देखभाल कॉर्नर आदि सहित महत्वपूर्ण देखभाल के लिए इकाइयां होंगी। इमेजिंग सुविधा, आहार सेवाएं, मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री के साथ इस ब्लॉक को मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र/ऑक्सीजन आपूर्ति, एयर हैंडलिंग यूनिट (एएचयू) आदि और संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सक्षम किया जाएगा। सुविधा के तहत आईसीयू में दस और एचडीयू में छह बेड की सुविधा रहेगी जिसमें से दो दो शिशुओं के लिए उपलब्ध रहेंगे।
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जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल परिसर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का काम तेजी से जारी है। इसमें 50 बेड का क्रिटिकल केयर और इंटीग्रेटिड लैब भी शामिल होगी। 23 करोड़ से इस परियोजना को आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम के तहत तैयार किया जा रहा है।
डॉ. सुरेंद्र अत्री, प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ