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Kathua News: हाई स्पीड रेल ट्रैक हो रहा तैयार, 130 की होगी रफ्तार
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कठुआ। कश्मीर घाटी तक रेलवे विस्तार के साथ अब जम्मू-कश्मीर में ट्रैक को हाई स्पीड ट्रेनों के लिए तैयार किया जा रहा है। सुपरफास्ट ट्रेनों की वर्तमान स्पीड लिमिट 110 किलोमीटर प्रति घंटे की है, जिसे जल्द 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक कर दिया जाएगा। ऐसे में अब वे दिन दूर नहीं, जब देश के विभिन्न राज्यों से जम्मू, उधमपुर, माता वैष्णो देवी आधार शिविर कटड़ा और कश्मीर घाटी का सफर भी कम समय में तय हो पाएगा।
दरअसल रेलवे की ओर से पठानकोट से जम्मू तक के पुराने ट्रैक को बदला जा रहा है। यही नहीं, इस ट्रैक से संबद्ध पुराने उपकरण भी बदले जा रहे हैं। कोशिश है कि इस ट्रैक पर दौड़ने वाली यात्री ट्रेनों की स्पीड को बढ़ाया जा सके और सफर के समय को कम किया जा सके। हालांकि इसमें सुरक्षा को लेकर भी पूरी एहतियात बरती जा रही है। माधोपुर और कठुआ के बीच जहां यह काम पूरा हो चुका है, वहीं अब इस काम को बुद्धि और हीरानगर के बीच अंजाम दिया जा रहा है। ट्रैक की जरूरी मरम्मत के लिए बुद्धि-बरनोटी रेलवे क्रॉसिंग को भी 30 मई तक बंद रखा गया है।
दरअसल जम्मू और माधोपुर के बीच कई जगह रेलवे को कर्व का सामना करना पड़ता है, यही नहीं ग्रेटिएंड भी हैं। ऐसे में ट्रेनों को पहले ही स्पीड लिमिट से इन इलाकों से निकाला जाता है, लेकिन सीधे उपलब्ध ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड को अब तक 110 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार दी जा सकती थी। रेलवे सूत्राें की मानें तो जम्मू-कश्मीर में रेल नेटवर्क को बेहतर विस्तार देने के साथ ही यह पहल यात्रा को और सुगम करेगी।
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वर्तमान में सुपरफास्ट ट्रेनें जहां 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, वहीं मालगाड़ी के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तय है। ट्रैक की मरम्मत कर इसके पुराने घटक बदले जा रहे हैं। अब ट्रैक को मॉडिफाई किया जा रहा है, ताकि अब इस ट्रैक पर हाई स्पीड ट्रेन 130 किलोमीटर तक की रफ्तार पर दौड़ सके।
-कमलेश कुमार सेक्शन इंजीनियर, रेलवे
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दरअसल रेलवे की ओर से पठानकोट से जम्मू तक के पुराने ट्रैक को बदला जा रहा है। यही नहीं, इस ट्रैक से संबद्ध पुराने उपकरण भी बदले जा रहे हैं। कोशिश है कि इस ट्रैक पर दौड़ने वाली यात्री ट्रेनों की स्पीड को बढ़ाया जा सके और सफर के समय को कम किया जा सके। हालांकि इसमें सुरक्षा को लेकर भी पूरी एहतियात बरती जा रही है। माधोपुर और कठुआ के बीच जहां यह काम पूरा हो चुका है, वहीं अब इस काम को बुद्धि और हीरानगर के बीच अंजाम दिया जा रहा है। ट्रैक की जरूरी मरम्मत के लिए बुद्धि-बरनोटी रेलवे क्रॉसिंग को भी 30 मई तक बंद रखा गया है।
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दरअसल जम्मू और माधोपुर के बीच कई जगह रेलवे को कर्व का सामना करना पड़ता है, यही नहीं ग्रेटिएंड भी हैं। ऐसे में ट्रेनों को पहले ही स्पीड लिमिट से इन इलाकों से निकाला जाता है, लेकिन सीधे उपलब्ध ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड को अब तक 110 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार दी जा सकती थी। रेलवे सूत्राें की मानें तो जम्मू-कश्मीर में रेल नेटवर्क को बेहतर विस्तार देने के साथ ही यह पहल यात्रा को और सुगम करेगी।
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वर्तमान में सुपरफास्ट ट्रेनें जहां 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, वहीं मालगाड़ी के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तय है। ट्रैक की मरम्मत कर इसके पुराने घटक बदले जा रहे हैं। अब ट्रैक को मॉडिफाई किया जा रहा है, ताकि अब इस ट्रैक पर हाई स्पीड ट्रेन 130 किलोमीटर तक की रफ्तार पर दौड़ सके।
-कमलेश कुमार सेक्शन इंजीनियर, रेलवे