{"_id":"68a8c8bb8a4974506902b9ea","slug":"topics-from-class-6-to-10-were-discussed-in-the-program-kathua-news-c-201-1-knt1008-123304-2025-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: कार्यक्रम में कक्षा छह से 10वीं तक विषयों पर चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: कार्यक्रम में कक्षा छह से 10वीं तक विषयों पर चर्चा
Sat, 23 Aug 2025 01:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:14 AM IST
विज्ञापन
कठुआ। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित दो दिवसीय ऑनलाइन पाठ्यक्रम अभिविन्यास कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चूड़ामणि संस्कृत संस्थान, विश्वस्थली के सभी अध्यापकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में कक्षा छठी से लेकर 10वीं तक के विषयों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत इन कक्षाओं की संरचना को इस प्रकार विकसित किया गया है, जिससे विद्यार्थियों में समझ, कौशल एवं संस्कार का समन्वय हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा, बहुभाषिक शिक्षा, विज्ञान–गणित, सामाजिक विज्ञान और जीवन मूल्यों का एकीकृत अध्ययन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार बनेगा।
संस्थान के प्राचार्य ने कहा कि “हमारे आचार्य-आचार्याओं का इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में सहभाग न केवल व्यक्तिगत प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि संपूर्ण संस्थान के शैक्षणिक वातावरण को नई दिशा देता है। नई शिक्षा नीति भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। चूड़ामणि संस्कृत संस्थान सदैव ऐसे कार्यक्रमों से लाभान्वित होकर विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने हेतु संकल्पबद्ध है।”
विज्ञापन
इस सहभागिता के माध्यम से संस्थान ने यह स्पष्ट किया कि वह समय की आवश्यकता के अनुसार शिक्षा के नवाचारों को अपनाकर समाज व राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देता रहेगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम में कक्षा छठी से लेकर 10वीं तक के विषयों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत इन कक्षाओं की संरचना को इस प्रकार विकसित किया गया है, जिससे विद्यार्थियों में समझ, कौशल एवं संस्कार का समन्वय हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा, बहुभाषिक शिक्षा, विज्ञान–गणित, सामाजिक विज्ञान और जीवन मूल्यों का एकीकृत अध्ययन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार बनेगा।
विज्ञापन
संस्थान के प्राचार्य ने कहा कि “हमारे आचार्य-आचार्याओं का इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में सहभाग न केवल व्यक्तिगत प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि संपूर्ण संस्थान के शैक्षणिक वातावरण को नई दिशा देता है। नई शिक्षा नीति भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। चूड़ामणि संस्कृत संस्थान सदैव ऐसे कार्यक्रमों से लाभान्वित होकर विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने हेतु संकल्पबद्ध है।”
विज्ञापन
इस सहभागिता के माध्यम से संस्थान ने यह स्पष्ट किया कि वह समय की आवश्यकता के अनुसार शिक्षा के नवाचारों को अपनाकर समाज व राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देता रहेगा।