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शहीद के नाम से स्कूल का नाम रखा गया
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रामकोट। तहसील रामकोट के गलक हाई स्कूल का नाम कठुआ प्रशासन की ओर से गलक गवर्नमेंट हाई स्कूल से बदलकर शहीद नाइक गोविंद राम रखा गया। जिला प्रशासन की ओर से बहादुर सैनिकों और प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर सरकारी स्कूलों का नाम किया जा रहा है।
19 दिसंबर, 1994 को मणिपुर में आतंकवादियों से लड़ते हुए सीआरपीएफ 79 बटालियन के नायक गोविंद राम शहीद हो गए। जिस पर गवर्नमेंट हाई स्कूल गलक का नाम बदलकर शहीद नायक गोविंदराम रखा गया।
आयोजित कार्यक्रम में डीडीसी के अध्यक्ष महान सिंह ने कहा कि देश को सर्वोपरि रखने और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के योगदान को याद करने की जेकेयूटी प्रशासन की पहल उन्हें श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर बोलते हुए, उपायुक्त, कठुआ राहुल यादव ने कहा कि शहीद सैनिकों या अन्य सार्वजनिक हस्तियों के नाम पर स्कूलों का नामकरण वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि हमारे नायकों को याद करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, खासकर जब देश आजादी के 75 वें वर्ष को ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के रूप में मना रहा है। उन्होंने कहा कि कठुआ जिले के लोगों का सेना, अर्धसैनिक और पुलिस बलों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी सेवा करने का एक समृद्ध इतिहास रहा है। समारोह के दौरान शहीद नायक गोविंद राम की पत्नी सत्या देवी और उनके दो बेटे राजेश कुमार शर्मा और डीसी कठुआ राहुल यादव, सपंच सुरिंदर कुमार मौजूद रहे।
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19 दिसंबर, 1994 को मणिपुर में आतंकवादियों से लड़ते हुए सीआरपीएफ 79 बटालियन के नायक गोविंद राम शहीद हो गए। जिस पर गवर्नमेंट हाई स्कूल गलक का नाम बदलकर शहीद नायक गोविंदराम रखा गया।
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आयोजित कार्यक्रम में डीडीसी के अध्यक्ष महान सिंह ने कहा कि देश को सर्वोपरि रखने और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के योगदान को याद करने की जेकेयूटी प्रशासन की पहल उन्हें श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर बोलते हुए, उपायुक्त, कठुआ राहुल यादव ने कहा कि शहीद सैनिकों या अन्य सार्वजनिक हस्तियों के नाम पर स्कूलों का नामकरण वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि हमारे नायकों को याद करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, खासकर जब देश आजादी के 75 वें वर्ष को ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के रूप में मना रहा है। उन्होंने कहा कि कठुआ जिले के लोगों का सेना, अर्धसैनिक और पुलिस बलों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी सेवा करने का एक समृद्ध इतिहास रहा है। समारोह के दौरान शहीद नायक गोविंद राम की पत्नी सत्या देवी और उनके दो बेटे राजेश कुमार शर्मा और डीसी कठुआ राहुल यादव, सपंच सुरिंदर कुमार मौजूद रहे।
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