कठुआ। वर्षों से लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे जल शक्ति विभाग अस्थायी कर्मचारियों ने सरकार की लगातार अनदेखी पर कड़ा रोष जताया है। शुक्रवार को आल जेएंडके पीएचई आईटीआई ट्रेंड, सीपी वर्कर्स एंड लैंड डोनर्स एसोसिएशन के बैनर तले अस्थायी कर्मचारियों ने विभाग के कठुआ स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष जोरदार नारेबाजी करते हुए जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ा रोष जताया।
प्रदर्शनकारियों में शामिल सहदेव सिंह ने कहा कि गत माह की 24 तारीख से शुरू होने वाली हड़ताल के कारण पानी की सप्लाई प्रभावित है। अस्थायी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके बाद भी अभी तक किसी भी नेता ने बात करने की जरूरत नहीं समझी। इससे साफ जाहिर है कि नेताओं को सिर्फ हमारा वोट चाहिए। हमारी समस्याओं से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। केंद्र की सरकार जम्मू कश्मीर में ग्रामीण क्षेत्र में विकास के साथ सुविधा को बेहतर करने के नाम पर थ्री-टियर सिस्टम लागू करने के दावे करती है। लेकिन इस सिस्टम के एक भी अंग आज तक न तो उनका समर्थन करने के लिए आगे आया और न ही लोगों की पेयजल समस्या को देखते हुए सरकार तक यह बात पहुंचाई है। वहीं, एसोसिएशन के जिला प्रधान शिव नारायण सिंह ने कहा कि विभाग में वर्षों से सेवा दे रहे अस्थाई कर्मचारियों के प्रति अगर सरकार का ऐसा ही रवैया बना रहा तो आने वाले दिनों में इसके परिणाम अच्छे नही होगे। सरकार न तो उनके बकाया वेतन को जारी कर रही है और न ही उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रदर्शन में नरिंदर सिंह, राम गोपाल, धर्मपाल, राज कुमार, जितेंद्र शर्मा, रोमी शर्मा, सुरजीत सिंह, जगदीश सिंह, पूर्ण चंद, वीरेंद्र सिंह, बलबीर कुमार, बिट्टू कुमार आदि कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।