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Kathua News: बसंतर व देविक के पानी ने मचाई तबाही, बीएसएफ के बंकरों को पहुंचा नुकसान
Mon, 25 Aug 2025 02:19 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 25 Aug 2025 02:19 AM IST
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प्रशासन से सीमावर्ती क्षेत्रों में बनाए गए सुरक्षा बांध की सुध लेने की मांग की
वन विभाग की नर्सरी में एक से दो फुट तक भरा पानी
सांबा। सुबह हुई मूसलाधार बारिश से नदी नाले उफान पर रहे। बसंतर दरिया व देविका में जल स्तर बढ़ने से सीमावर्ती क्षेत्रों में बसंतर व देविका ने रास्ता बदल लिया है।
बारिश से सुरक्षा बलों के बंकरों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ का पानी वन विभाग की नर्सरी में एक से दो फुट तक भर गया। वहीं किसानों के खेतों में भी पानी भरे जाने की जानकारी है। बरोटा गांव के पूर्व सरपंच राम पाल चौधरी के अनुसार बसंतर व देविका नदियां अपना रास्ता बदल रही हैं। तटबंध के अभाव के कारण ऐसा हो रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 2011 में बारिश से बसंतर दरिया में आई बाढ़ कारण सुरक्षा बांध टूट गया था। बीएसएफ के बंकरों को नुकसान पहुंचा था। किसानों की सैकड़ों कनाल भूमि पर रेत पथर बिछ गए थे जिस पर आज तक किसान फसल ही नहीं लगा पाए हैं। अब एक बार फिर से बसंतर दरिया के पानी से भूमि कटाव हो रहा है।
इस बारे में कई बार जिला प्रशासन के साथ उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया था लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि एक दो दिनों में अधिक बारिश होती है तो सीमावर्ती गांव बरोटा, केसो, केसो कैंप, रंगूर व नंगा के गावों को खतरा बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से सीमावर्ती क्षेत्रों में बनाए गए सुरक्षा बांध की सुध लेने की मांग की है।
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वन विभाग की नर्सरी में एक से दो फुट तक भरा पानी
सांबा। सुबह हुई मूसलाधार बारिश से नदी नाले उफान पर रहे। बसंतर दरिया व देविका में जल स्तर बढ़ने से सीमावर्ती क्षेत्रों में बसंतर व देविका ने रास्ता बदल लिया है।
बारिश से सुरक्षा बलों के बंकरों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ का पानी वन विभाग की नर्सरी में एक से दो फुट तक भर गया। वहीं किसानों के खेतों में भी पानी भरे जाने की जानकारी है। बरोटा गांव के पूर्व सरपंच राम पाल चौधरी के अनुसार बसंतर व देविका नदियां अपना रास्ता बदल रही हैं। तटबंध के अभाव के कारण ऐसा हो रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 2011 में बारिश से बसंतर दरिया में आई बाढ़ कारण सुरक्षा बांध टूट गया था। बीएसएफ के बंकरों को नुकसान पहुंचा था। किसानों की सैकड़ों कनाल भूमि पर रेत पथर बिछ गए थे जिस पर आज तक किसान फसल ही नहीं लगा पाए हैं। अब एक बार फिर से बसंतर दरिया के पानी से भूमि कटाव हो रहा है।
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इस बारे में कई बार जिला प्रशासन के साथ उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया था लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि एक दो दिनों में अधिक बारिश होती है तो सीमावर्ती गांव बरोटा, केसो, केसो कैंप, रंगूर व नंगा के गावों को खतरा बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से सीमावर्ती क्षेत्रों में बनाए गए सुरक्षा बांध की सुध लेने की मांग की है।
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