कठुआ। बिजली की अघोषित कटौती के कारण पेयजल संकट से जूझ रहे गोविंदसर गांव के लोगों की प्रशासन द्वारा सुध न लिए जाने से ग्रामीणों का रोष बढ़ता जा रहा है। रविवार को गांव के दर्जनों लोगों ने शिवसेना डोगरा फ्रंट के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया और पानी की नियमित आपूर्ति करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शिवसेना डोगरा फ्रंट के नेता मोहन लाल ने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की अघोषित कटौती शुरू होने के बाद से उनकी पंचायत में पेयजल का संकट बना हुआ है। इससे पूरी पंचायत की करीब 4 हजार की आबादी को अपनी प्यास बुझाने के लिए दरबदर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान करने के बजाए जलशक्ति विभाग ने पहले ही इसकी सारी जिम्मेदारी बिजली विभाग पर डालते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया है। इससे लोगों का सड़कों पर उतरना मजबूरी बन रहा है। वहीं प्रदर्शन में शामिल गांव की वरिष्ठ महिला सावित्री देवी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा तो देती है लेकिन बेटियों के आगे बढ़ने के रास्तों में आने वाली बाधाओं को दूर करने में उनकी सरकार की कोई रुचि नहीं दिखाई देती है। गांव की ज्यादातर बेटियां को स्कूल जाने से पहले और स्कूल के आने के बाद सिर्फ घर की जरूरत के लिए पानी एकत्र करते ही सारा समय बीत रहा है। कुछ ऐसा ही हाल गृहणियों का भी है, जिन्हें घरेलू काम के लिए पानी जुटाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन गया है। गर्मी के इस मौसम में बिजली न होने पर तो वह लोग जैसे तैसे गुजारा कर लें लेकिन पानी भी नही होने पर जीवन की गाड़ी कैसी चलेगी। वहीं अनिल पांडेय ने कहा कि सरकार को बिजली की स्थिति की पूरी जानकारी है। इसके बाद भी पंप स्टेशनों को चलाने के लिए कोई व्यवस्था नही की जा रही है। इससे लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर बिजली व्यवस्था में सुधार की संभावना नहीं है तो सरकार सभी पंप स्टेशनों को जनरेटर की सुविधा दे ताकि लोगों को पर्याप्त पानी की आपूर्ति हो सके। प्रदर्शन में पुरुषोत्तम लाल, सोहन लाल, खेम राज, सुरेश कुमार, लता देवी, सुनील कुमार, जयपाल, निर्मल कुमार आदि उपस्थित रहे।