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धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में आईं महिलाएं
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मढीन मे धरने पर बैठे किसान नारेबाजी करते हुए। - विज्ञप्ति।
- फोटो : KATHUA
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हीरानगर। बिजली बिल माफ करने और बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर मढ़ीन में किसानों का धरना वीरवार को भी जारी रहा। अब किसानों के समर्थन में महिलाएं भी उतर आई हैं।
किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि किसानों को भेजे गए मोटे बिजली बिल उनके लिए परेशानी बन गए हैं। पहले ही किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। ऐसे में बिलों ने उनका चैन भी छीन लिया। अगर सरकार बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा किसानों को देती है तो वे थोड़ा बिजली विभाग को भी दे सकते हैं। लेकिन, मुआवजा नहीं मिलेगा तो वह बिल कैसे चुकता करेंगे?
उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में खराब हुई फसलों से करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ था। इसकी रिपोर्ट प्रशासन ने तैयार भी की। लेकिन, किसानों को मुआवजा अब तक नहीं मिला है। इसी तरह 2020 में भी नुकसान हुआ, मुआवजे का आश्वासन भी मिला, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। किसानों के लिए अब संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है। इसलिए, जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, यह संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा। धरने पर नेकां नेता धर्मपाल कुंडल, चरनप्रीत सिंह, मखनी बंदराल, आदि भी मौजूद रहे।
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किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि किसानों को भेजे गए मोटे बिजली बिल उनके लिए परेशानी बन गए हैं। पहले ही किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। ऐसे में बिलों ने उनका चैन भी छीन लिया। अगर सरकार बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा किसानों को देती है तो वे थोड़ा बिजली विभाग को भी दे सकते हैं। लेकिन, मुआवजा नहीं मिलेगा तो वह बिल कैसे चुकता करेंगे?
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में खराब हुई फसलों से करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ था। इसकी रिपोर्ट प्रशासन ने तैयार भी की। लेकिन, किसानों को मुआवजा अब तक नहीं मिला है। इसी तरह 2020 में भी नुकसान हुआ, मुआवजे का आश्वासन भी मिला, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। किसानों के लिए अब संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है। इसलिए, जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, यह संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा। धरने पर नेकां नेता धर्मपाल कुंडल, चरनप्रीत सिंह, मखनी बंदराल, आदि भी मौजूद रहे।
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