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तारकोल डालने का काम अधूरा छोड़ने पर ग्रामीणों ने जताया रोष
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ांदल में सड़क के अधूरे काम को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : KATHUA
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कठुआ/बनी। बनी-भद्रवाह सड़क के विस्तारीकरण कार्य के बीच चांदल में सड़क के एक हिस्से पर तारकोल न डाले जाने पर ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। उन्होंने चांदल के नजदीक सड़क पर उतरकर जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शनिवार से तारकोल डालने का काम छोड़े हुए हिस्से पर शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीण सड़क पर ही धरना देने को मजबूर हो जाएंगे। उधर, मौके पर पहुंचे बीआरओ के अधिकारियों ने साफ किया है कि गलतफहमी के चलते ऐसा हुआ है। शनिवार से काम शुरू कर दिया जाएगा।
शुक्रवार को सड़क पर उतरे ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे सरपंच रोशन सिंह ने कहा कि बीआरओ ने सड़क का दो सौ मीटर हिस्सा छोड़ दिया है। अधिकारी ने ग्रामीणों को बताया है कि इसका नक्शा नहीं है। ऐसे में तारकोल नहीं डाला जा सकता। जोकि कतई मंजूर नहीं है। जमीन की मेटलिंग का काम हो चुका है। लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है। फिर इसे अधूरा नहीं छोड़ा जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि मामला बनी प्रशासन के सामने भी उठाया गया था, लेकिन बीआरओ ने इस जगह से मशीनें उठा ली हैं। ऐसे में ग्रामीण शनिवार से काम शुरू न होने पर सड़क पर धरना देने को मजबूर हो जाएंगे। उधर, बीआरओ के ओसी प्रमोद कुमार ने बताया कि जेई की ओर से 350 मीटर हिस्से के आगे के काम को पहले अंजाम दिए जाने की तैयारी थी। किसी भी हिस्से को छोड़ा नहीं गया है। और न ही छोड़ा जाएगा। निर्देश दे दिए गए हैं कि चांदल के बताए गए हिस्से का काम पहले किया जाए।
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ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शनिवार से तारकोल डालने का काम छोड़े हुए हिस्से पर शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीण सड़क पर ही धरना देने को मजबूर हो जाएंगे। उधर, मौके पर पहुंचे बीआरओ के अधिकारियों ने साफ किया है कि गलतफहमी के चलते ऐसा हुआ है। शनिवार से काम शुरू कर दिया जाएगा।
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शुक्रवार को सड़क पर उतरे ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे सरपंच रोशन सिंह ने कहा कि बीआरओ ने सड़क का दो सौ मीटर हिस्सा छोड़ दिया है। अधिकारी ने ग्रामीणों को बताया है कि इसका नक्शा नहीं है। ऐसे में तारकोल नहीं डाला जा सकता। जोकि कतई मंजूर नहीं है। जमीन की मेटलिंग का काम हो चुका है। लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है। फिर इसे अधूरा नहीं छोड़ा जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि मामला बनी प्रशासन के सामने भी उठाया गया था, लेकिन बीआरओ ने इस जगह से मशीनें उठा ली हैं। ऐसे में ग्रामीण शनिवार से काम शुरू न होने पर सड़क पर धरना देने को मजबूर हो जाएंगे। उधर, बीआरओ के ओसी प्रमोद कुमार ने बताया कि जेई की ओर से 350 मीटर हिस्से के आगे के काम को पहले अंजाम दिए जाने की तैयारी थी। किसी भी हिस्से को छोड़ा नहीं गया है। और न ही छोड़ा जाएगा। निर्देश दे दिए गए हैं कि चांदल के बताए गए हिस्से का काम पहले किया जाए।