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परिषद की कार्रवाई खिलाफ लोगों ने जताया रोष
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कठुआ। नगर परिषद द्वारा मंगलवार को अवैध कब्जा हटाने के विरोध में जमीन मालिक और स्थानीय लोगों ने परिषद की उपाध्यक्ष रेखा देवी के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। लोगों ने परिषद की कार्रवाई को गैरकानूनी करार दिया और जिला उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर हल करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों में शामिल चरणजीत सिंह भोला ने बताया कि जिस जमीन को वॉटर बॉडी बताकर परिषद ने वहां किए गए निर्माण को अवैध बताते हुए ढहा दिया है। वह जमीन फतेह सिंह ने वर्षों पूर्व खरीदी थी और इस संबंध में कोर्ट में भी मामला चल रहा है लेकिन परिषद ने कोर्ट का फैसला आने से पहले ही कार्रवाई कर उनके साथ नाइंसाफी की है। उन्होंने बताया कि परिषद ने हवाला दिया कि उक्त जगह वाटर बॉडी है, जबकि आसपास की जमीन भी वाटर बॉडी के अंतर्गत आती है लेकिन परिषद ने उनपर कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि परिषद का यह भेदभाव उन्हें मंजूर नहीं है। जब उक्त जगह वाटर बाडी है, जो उन पटवारियों और राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। परिषद को जमीन के मालिक के साथ समन्वय बनाकर पहले उसके कागजातों की जांच करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। जिसे स्वीकार नहीं करेंगे। इस संबंध में परिषद की उपाध्यक्ष रेखा देवी ने कहा कि संबंधित जमीन को लेकर परिषद के पास शिकायतें आई थीं। उन्हें बताया गया था कि संबंधित मामले की फाइल 2017 से लंबित है। इस संबंध में जिला उपायुक्त और लोकल बॉडी विभाग के निदेशक के पास भी शिकायत दर्ज है। लंबित फाइल की जांच में पाया कि संबंधित जगह से अवैध निर्माण हटवाया जाए। परिषद ने उसी आदेश के मुताबिक कार्रवाई की है। कोर्ट में पूरी जगह को लेकर केस नहीं चल रहा है।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल चरणजीत सिंह भोला ने बताया कि जिस जमीन को वॉटर बॉडी बताकर परिषद ने वहां किए गए निर्माण को अवैध बताते हुए ढहा दिया है। वह जमीन फतेह सिंह ने वर्षों पूर्व खरीदी थी और इस संबंध में कोर्ट में भी मामला चल रहा है लेकिन परिषद ने कोर्ट का फैसला आने से पहले ही कार्रवाई कर उनके साथ नाइंसाफी की है। उन्होंने बताया कि परिषद ने हवाला दिया कि उक्त जगह वाटर बॉडी है, जबकि आसपास की जमीन भी वाटर बॉडी के अंतर्गत आती है लेकिन परिषद ने उनपर कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि परिषद का यह भेदभाव उन्हें मंजूर नहीं है। जब उक्त जगह वाटर बाडी है, जो उन पटवारियों और राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। परिषद को जमीन के मालिक के साथ समन्वय बनाकर पहले उसके कागजातों की जांच करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। जिसे स्वीकार नहीं करेंगे। इस संबंध में परिषद की उपाध्यक्ष रेखा देवी ने कहा कि संबंधित जमीन को लेकर परिषद के पास शिकायतें आई थीं। उन्हें बताया गया था कि संबंधित मामले की फाइल 2017 से लंबित है। इस संबंध में जिला उपायुक्त और लोकल बॉडी विभाग के निदेशक के पास भी शिकायत दर्ज है। लंबित फाइल की जांच में पाया कि संबंधित जगह से अवैध निर्माण हटवाया जाए। परिषद ने उसी आदेश के मुताबिक कार्रवाई की है। कोर्ट में पूरी जगह को लेकर केस नहीं चल रहा है।
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