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नई योजना के लिए मांगा प्रस्ताव, पिछला लटका अधर में
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कठुआ। आगे दौड़ पीछे छोड़ की कहावत को पूरा करते हुए जिले में एक ओर परियोजना को अधर में लटका दिया गया है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया न होने से हीरानगर में जेएमआरडीए के तहत तैयार होने वाली पार्किंग और बस टर्मीनल का काम लटक चुका है। महानगरीय क्षेत्र में विकास के लिए जहां दूसरी वार्षिक योजना को लेकर विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं, वहीं पहली वार्षिक योजना को लेकर राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ गई है। पार्किंग और बस टर्मीनल के लिए जिस जगह को चिह्नित कर योजना भेजी गई उसे संबंधित विभाग को हस्तांतरित ही नहीं किया गया।
हीरानगर कस्बे में जम्मू मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेएमआरडीए) के तहत पहले वर्ष की वार्षिक योजना में हीरानगर के लिए पार्किंग और बस टर्मीनल को मंजूरी दी गई थी। बाकायदा टेंडर भी निकाल दिए गए और ठेकेदार को काम भी आवंटित कर दिया गया है। अब जाकर सामने आया है कि जिस जमीन पर यह बस टर्मिनल और पार्किंग तैयार की जानी है वो संबंधित विभाग को हस्तांतरित ही नहीं की गई है। इसकी मुख्य वजह जमीन गैर मुमकिन खड्ड है। ऐसे में जमीन के स्वरूप को बदला जाना अनिवार्य है। इसके बाद यह जमीन संबंधित विभाग को सौंपी जा सकती है। ऐसे में प्रक्रिया के पूरा होने तक काम शुरू हो पाना भी मुनासिब नहीं है। पांच करोड़ 60 लाख की लागत से बनने वाली यह पार्किंग और बस टर्मिनल दो वर्ष में तैयार होनी है। मई महीने के दूसरे पखवाड़े में ठेकेदार को काम आवंटित करते हुए दो साल की समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। पार्किंग और बस टर्मिनल के लिए नगर कमेटी हीरानगर कार्यालय के सामने तैयार पार्क की पिछली जगह को चिह्नित किया गया है। परियोजना में दो मंजिला इमारत बनेगी। जिसमें शॉपिंग कांप्लेक्स तैयार किया जाएगा और इसके पीछे पार्किंग या बस टर्मिनल की व्यवस्था होगी। परियोजना के तहत ग्रीन पैच और पाथ-वे बनाने की योजना भी शामिल है।
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पांच जिलों में विकास को बढ़ावा देगी जेएमआरडीए
जम्मू मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत जम्मू समेत पांच जिलों में विकास की रफ्तार को बढ़ाए जाने की योजना है। अथॉरिटी के तहत आने वाले जिले जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी के गांवों में विकास तेज करने के लिए कई योजनाओं पर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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इन पांच जिलों की ओर से जमा कराई गई पहली परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी गई है। जिसमें हीरानगर के लिए पार्किंग, टर्मिनल को लेकर कई अन्य काम भी शामिल हैं। दरअसल वर्ष 2019 के जुलाई माह में जेएमआरडीए की अधिसूचना जारी की गई थी। प्रदेश प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में विकास योजना और पर्यावरण योजना को तैयार किया जा रहा है। इसके लिए प्रारंभिक चरण में 75 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। विभिन्न जिलों की ओर से मंजूर की गई डीपीआर को मंजूरी दी गई है। इसके बाद काम शुरू कराया जा रहा है। जेएमआरडीए के अधीन हीरानगर के 65 गांव आते हैं।
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विकास के कार्यों को कोई भी प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और जो काम दस दिन में किया जा सकता है, उसे तीन से चार महीने में अंजाम दिया जा रहा है। प्रदेश प्रशासन को इसका संज्ञान लेने की जरूरत है। राजस्व विभाग को टेंडर निकालने से पहले ही जानकारी थी कि जमीन गैर मुमकिन खड्ड है, बावजूद इसके टेंडर करवाकर काम आवंटित कर दिया गया।
एडवोकेट विजय शर्मा
अध्यक्ष, नगर कमेटी हीरानगर
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परियोजना के संबंध में राजस्व विभाग से पूर्व में जमीन को लेकर जानकारी नहीं ली गई थी। परियोजना के लिए चिह्नित जमीन का स्वरूप खड्ड है, जिसे राजस्व दस्तावेजों में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
राकेश शर्मा
एसडीएम हीरानगर
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हीरानगर कस्बे में जम्मू मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेएमआरडीए) के तहत पहले वर्ष की वार्षिक योजना में हीरानगर के लिए पार्किंग और बस टर्मीनल को मंजूरी दी गई थी। बाकायदा टेंडर भी निकाल दिए गए और ठेकेदार को काम भी आवंटित कर दिया गया है। अब जाकर सामने आया है कि जिस जमीन पर यह बस टर्मिनल और पार्किंग तैयार की जानी है वो संबंधित विभाग को हस्तांतरित ही नहीं की गई है। इसकी मुख्य वजह जमीन गैर मुमकिन खड्ड है। ऐसे में जमीन के स्वरूप को बदला जाना अनिवार्य है। इसके बाद यह जमीन संबंधित विभाग को सौंपी जा सकती है। ऐसे में प्रक्रिया के पूरा होने तक काम शुरू हो पाना भी मुनासिब नहीं है। पांच करोड़ 60 लाख की लागत से बनने वाली यह पार्किंग और बस टर्मिनल दो वर्ष में तैयार होनी है। मई महीने के दूसरे पखवाड़े में ठेकेदार को काम आवंटित करते हुए दो साल की समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। पार्किंग और बस टर्मिनल के लिए नगर कमेटी हीरानगर कार्यालय के सामने तैयार पार्क की पिछली जगह को चिह्नित किया गया है। परियोजना में दो मंजिला इमारत बनेगी। जिसमें शॉपिंग कांप्लेक्स तैयार किया जाएगा और इसके पीछे पार्किंग या बस टर्मिनल की व्यवस्था होगी। परियोजना के तहत ग्रीन पैच और पाथ-वे बनाने की योजना भी शामिल है।
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पांच जिलों में विकास को बढ़ावा देगी जेएमआरडीए
जम्मू मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत जम्मू समेत पांच जिलों में विकास की रफ्तार को बढ़ाए जाने की योजना है। अथॉरिटी के तहत आने वाले जिले जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी के गांवों में विकास तेज करने के लिए कई योजनाओं पर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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इन पांच जिलों की ओर से जमा कराई गई पहली परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी गई है। जिसमें हीरानगर के लिए पार्किंग, टर्मिनल को लेकर कई अन्य काम भी शामिल हैं। दरअसल वर्ष 2019 के जुलाई माह में जेएमआरडीए की अधिसूचना जारी की गई थी। प्रदेश प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में विकास योजना और पर्यावरण योजना को तैयार किया जा रहा है। इसके लिए प्रारंभिक चरण में 75 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। विभिन्न जिलों की ओर से मंजूर की गई डीपीआर को मंजूरी दी गई है। इसके बाद काम शुरू कराया जा रहा है। जेएमआरडीए के अधीन हीरानगर के 65 गांव आते हैं।
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विकास के कार्यों को कोई भी प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और जो काम दस दिन में किया जा सकता है, उसे तीन से चार महीने में अंजाम दिया जा रहा है। प्रदेश प्रशासन को इसका संज्ञान लेने की जरूरत है। राजस्व विभाग को टेंडर निकालने से पहले ही जानकारी थी कि जमीन गैर मुमकिन खड्ड है, बावजूद इसके टेंडर करवाकर काम आवंटित कर दिया गया।
एडवोकेट विजय शर्मा
अध्यक्ष, नगर कमेटी हीरानगर
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परियोजना के संबंध में राजस्व विभाग से पूर्व में जमीन को लेकर जानकारी नहीं ली गई थी। परियोजना के लिए चिह्नित जमीन का स्वरूप खड्ड है, जिसे राजस्व दस्तावेजों में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
राकेश शर्मा
एसडीएम हीरानगर