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राजनीति से प्रेरित है सब इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा
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कठुआ। जम्मू कश्मीर पुलिस में सब इंस्पेक्टर पदों की भर्ती परीक्षा पर उठ रहे सवालों को परीक्षा पास करने वाले आवेदकों ने राजीनीति से प्रभावित बताते हुए उपराज्यपाल से भर्ती परीक्षा को रद्द किए जाने के बजाए मामले की जांच करवाने की मांग की है। इस संबंध में परीक्षा पास करने वाले आवेदकों का शिष्टमंडल भाजपा जिला प्रधान गोपाल महाजन से मिला और उनकी बात उपराज्यपाल तक पहुंचाने की मांग की।
शिष्टमंडल में शामिल नितिन जसरोटिया ने बताया कि मार्च माह में जम्मू कश्मीर पुलिस के सब इंस्पेक्टरों के 12 सौ पदों के लिए हुई परीक्षा का जून महीने में परिणाम आने के बाद उठा विवाद किसी तरह से तर्क संगत नहीं है। असफल आवेदकों द्वारा पेपर लीक होने का आरोप राजनीति से प्रेरित है। क्योंकि मार्च महीने में हुई परीक्षा और जून महीने में आने वाले परिणाम के बीच में इसको लेकर किसी तरह का कोई विवाद नहीं था, लेकिन परिणाम घोषित होने के बाद असफल आवेदकों द्वारा परीक्षा के ऊपर ही प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है। इसका उनके पास भी कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस तरह से परीक्षा के परिणाम पर प्रश्न चिन्ह लगाकर इसे एक घोटाला बताने वाले लोगों का प्रयास है कि वह पूरी परीक्षा का को ही निरस्त करवा लें। लेकिन इससे परीक्षा को पास करने वाले 7200 युवाओं का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में बेरोजगारी में दूसरे स्थान पर चल रहे जम्मू कश्मीर में अगर भर्ती परीक्षाएं इसी तरह से निरस्त होती रही तो वह दिन दूर नही जब हम पहले स्थान पर होंगे। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा के परिणाम में किसी तरह की कोई शंका है तो सरकार उसकी जांच करवा सकती है लेकिन परीक्षा को निरस्त किया जाना युवाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाना होगा। उन्होंने भाजपा जिला प्रधान से उनकी बात सरकार तक पहुंचाने की अपील की। इस मौके पर अरुण गोत्रा, पंकज, विक्रांत, गुरप्रीत, रोहित दिनेश्वरी आदि उपस्थित रही।
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शिष्टमंडल में शामिल नितिन जसरोटिया ने बताया कि मार्च माह में जम्मू कश्मीर पुलिस के सब इंस्पेक्टरों के 12 सौ पदों के लिए हुई परीक्षा का जून महीने में परिणाम आने के बाद उठा विवाद किसी तरह से तर्क संगत नहीं है। असफल आवेदकों द्वारा पेपर लीक होने का आरोप राजनीति से प्रेरित है। क्योंकि मार्च महीने में हुई परीक्षा और जून महीने में आने वाले परिणाम के बीच में इसको लेकर किसी तरह का कोई विवाद नहीं था, लेकिन परिणाम घोषित होने के बाद असफल आवेदकों द्वारा परीक्षा के ऊपर ही प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है। इसका उनके पास भी कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।
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उन्होंने कहा कि इस तरह से परीक्षा के परिणाम पर प्रश्न चिन्ह लगाकर इसे एक घोटाला बताने वाले लोगों का प्रयास है कि वह पूरी परीक्षा का को ही निरस्त करवा लें। लेकिन इससे परीक्षा को पास करने वाले 7200 युवाओं का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में बेरोजगारी में दूसरे स्थान पर चल रहे जम्मू कश्मीर में अगर भर्ती परीक्षाएं इसी तरह से निरस्त होती रही तो वह दिन दूर नही जब हम पहले स्थान पर होंगे। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा के परिणाम में किसी तरह की कोई शंका है तो सरकार उसकी जांच करवा सकती है लेकिन परीक्षा को निरस्त किया जाना युवाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाना होगा। उन्होंने भाजपा जिला प्रधान से उनकी बात सरकार तक पहुंचाने की अपील की। इस मौके पर अरुण गोत्रा, पंकज, विक्रांत, गुरप्रीत, रोहित दिनेश्वरी आदि उपस्थित रही।
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