{"_id":"623f62ccdf158d1e3f79f105","slug":"political-kathua-news-jmu2564872135","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकतंत्र को तोड़ने वाले खुद टूट जाएंगे : रतन लाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकतंत्र को तोड़ने वाले खुद टूट जाएंगे : रतन लाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। लोकतंत्र में विपक्ष रीढ़ की हड्डी की तरह है और भाजपा इस रीढ़ की हड्डी को तोड़ने का प्रयास कर रही है। लेकिन शायद उन्हें पता नहीं वो खुद टूट जाएंगे जो लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करेंगे। उक्त बातें कठुआ में नेकां कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करते पार्टी के प्रांतीय प्रधान रतन लाल गुप्ता ने कही।
उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख व ईसाई की एकता इस जम्मू कश्मीर की पहचान है। उसे तोड़ने का प्रयास सिर्फ इसलिए किया जा रहा है। ताकि लोगों का ध्यान समस्याओं से हटाया जा सके। वर्तमान में सीमावर्ती क्षेत्र में जिन किसानों को उनकी पार्टी की सरकार ने खेती की जमीन मुहैया करवाई थी उसे जबरन छीना जा रहा है। कंडी क्षेत्र में लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, सबसे ज्यादा महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ रही है। नेकां के जमाने में जम्मू कश्मीर में लगे उद्योग बंद होने लगे हैं। जिसके कारण पूरे प्रदेश में रहने वाले आम लोग परेशान हैं।
केंद्र की मोदी सरकार को जम्मू कश्मीर के लोगों की परेशानियों से कोई लेनादेना नहीं है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि निराश होने के बजाए सक्रिय होकर लोगों के बीच जाएं और उनकी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए संघर्ष करें। जम्मू कश्मीर के आम लोग आज भी डॉ. फारुख अब्दुल्ला से उतना ही लगाव रखते हैं। अगर कही कमी है तो सिर्फ हमारे और उनके बीच बेहतर संवाद का स्थापित न होना है। लिहाजा निश्चय कर लोगों की सेवा में जुट जाएं। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल विजय लोचन, विमला लूथरा, अब्दुल गनी तेली, प्रदीप बाली ने भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख व ईसाई की एकता इस जम्मू कश्मीर की पहचान है। उसे तोड़ने का प्रयास सिर्फ इसलिए किया जा रहा है। ताकि लोगों का ध्यान समस्याओं से हटाया जा सके। वर्तमान में सीमावर्ती क्षेत्र में जिन किसानों को उनकी पार्टी की सरकार ने खेती की जमीन मुहैया करवाई थी उसे जबरन छीना जा रहा है। कंडी क्षेत्र में लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, सबसे ज्यादा महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ रही है। नेकां के जमाने में जम्मू कश्मीर में लगे उद्योग बंद होने लगे हैं। जिसके कारण पूरे प्रदेश में रहने वाले आम लोग परेशान हैं।
विज्ञापन
केंद्र की मोदी सरकार को जम्मू कश्मीर के लोगों की परेशानियों से कोई लेनादेना नहीं है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि निराश होने के बजाए सक्रिय होकर लोगों के बीच जाएं और उनकी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए संघर्ष करें। जम्मू कश्मीर के आम लोग आज भी डॉ. फारुख अब्दुल्ला से उतना ही लगाव रखते हैं। अगर कही कमी है तो सिर्फ हमारे और उनके बीच बेहतर संवाद का स्थापित न होना है। लिहाजा निश्चय कर लोगों की सेवा में जुट जाएं। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल विजय लोचन, विमला लूथरा, अब्दुल गनी तेली, प्रदीप बाली ने भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
विज्ञापन