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15 सुझाव व आपत्तियों पर चर्चा करेगा परिसीमन आयोग
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कठुआ। चार और पांच अप्रैल को परिसीमन आयोग के सदस्य दो दिवसीय दौरे पर जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे। जम्मू में चार अप्रैल को परिसीमन आयोग के सदस्य सुबह दस से दोपहर बारह बजे तक कठुआ, उधमपुर, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ, जबकि दोपहर साढ़े बारह बजे से ढाई बजे तक रियासी, सांबा और जम्मू जिलों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करेंगे। जम्मू के कनाल रोड स्थित कंवेंशन सेंटर में कठुआ के 15 प्रतिनिधिमंडलों की मुलाकात भी परिसीमन आयोग से होना है। प्रतिनिधिमंडल की ओर से परिसीमन आयोग की 16 मार्च को जारी हुई रिपोर्ट पर आपत्तियां और सुझाव दर्ज करवाए गए थे। ऐसे में इन प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का समय दिया जाएगा।
कठुआ जिले से आयोग के पास दर्ज हुई 15 आपत्तियों और सुझावों में कंडी और अंदड के इलाकों को अलग-अलग ही रखने की मांग खास तौर पर शामिल है। हाईवे के निचले हिस्से में नगरी, मढ़ीन और कठुआ के पटवार के इलाकों की एक जैसी समस्याओं और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे एक विधानसभा क्षेत्र ही रखने, जबकि कंडी की एक जैसी समस्याओं और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे अलग विधानसभा क्षेत्र में रखने की मांग शामिल है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल की ओर से बनी, बिलावर विधानसभा क्षेत्र के भी अपने सुझाव और आपत्तियां हैं।
प्रतिनिधिमंडलों की यह है मांगें
- विधानसभा क्षेत्र कठुआ नार्थ का नाम डिंगा अंब करने की मांग है। यदि ऐसा नहीं होता है तो डिंगा अंब ब्लॉक की कठुआ नार्थ से जुड़ी दो पंचायतों को हीरानगर विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ा जाए।
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- चिलख वेस्ट और ढल्ली पंचायतों को हीरानगर विधानसभा क्षेत्र में शामिल किए जाने की मांग है
- चंदवा, हमीरपुर, सेहस्वां और हरदो मुट्ठी पंचायतों को हीरानगर विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ा जाए।
- नजोत के ग्रामीणों की मांग है कि पूर्व की तरह ही उन्हें बिलावर विधानसभा क्षेत्र में रखा जाए। परिसीमन की रिपोर्ट में नजोत को बनी विधानसभा क्षेत्र से जोड़ दिया गया है।
- हाईवे के निचली ओर नगरी, कठुआ और मढ़ीन के इलाकों को कंडी के इलाकों से न जोड़ा जाए। दोनों क्षेत्रों की अलग समस्याओं को देखते हुए कंडी को अलग विधानसभा क्षेत्र ही रहने दिया जाए।
- कठुआ नार्थ विधानसभा क्षेत्र का नाम जय जसरोटा विधानसभा क्षेत्र किया जाए।
- कठुआ नार्थ और साउथ विधानसभा क्षेत्र हल्कों में एक समान समस्याओं और टोपोग्राफी वाले इलाकों को जोड़ा जाना चाहिए था। हाईवे के ऊपरी और निचले हिस्सों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र बनाया जाना चाहिए।
- सुमवां पंचायत राजस्व हल्का फ्लोट बी है। लेकिन पटवार हल्का फ्लोट, सुमवां, पटियाड़ी, त्रेहड़ा आदि इलाके शामिल हैं। इस पूरे इलाके को हाईवे निचले इलाके से उठाकर कंडी के साथ जोड़ दिया गया है। ऐसे में दो प्रतिनिधिमंडल परिसीमन आयोग से इसी मांग को लेकर मिलने वाले हैं।
- बिलावर विधानसभा क्षेत्र को आरक्षित किए जाने की मांग है।
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कठुआ जिले से आयोग के पास दर्ज हुई 15 आपत्तियों और सुझावों में कंडी और अंदड के इलाकों को अलग-अलग ही रखने की मांग खास तौर पर शामिल है। हाईवे के निचले हिस्से में नगरी, मढ़ीन और कठुआ के पटवार के इलाकों की एक जैसी समस्याओं और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे एक विधानसभा क्षेत्र ही रखने, जबकि कंडी की एक जैसी समस्याओं और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे अलग विधानसभा क्षेत्र में रखने की मांग शामिल है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल की ओर से बनी, बिलावर विधानसभा क्षेत्र के भी अपने सुझाव और आपत्तियां हैं।
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प्रतिनिधिमंडलों की यह है मांगें
- विधानसभा क्षेत्र कठुआ नार्थ का नाम डिंगा अंब करने की मांग है। यदि ऐसा नहीं होता है तो डिंगा अंब ब्लॉक की कठुआ नार्थ से जुड़ी दो पंचायतों को हीरानगर विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ा जाए।
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- चिलख वेस्ट और ढल्ली पंचायतों को हीरानगर विधानसभा क्षेत्र में शामिल किए जाने की मांग है
- चंदवा, हमीरपुर, सेहस्वां और हरदो मुट्ठी पंचायतों को हीरानगर विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ा जाए।
- नजोत के ग्रामीणों की मांग है कि पूर्व की तरह ही उन्हें बिलावर विधानसभा क्षेत्र में रखा जाए। परिसीमन की रिपोर्ट में नजोत को बनी विधानसभा क्षेत्र से जोड़ दिया गया है।
- हाईवे के निचली ओर नगरी, कठुआ और मढ़ीन के इलाकों को कंडी के इलाकों से न जोड़ा जाए। दोनों क्षेत्रों की अलग समस्याओं को देखते हुए कंडी को अलग विधानसभा क्षेत्र ही रहने दिया जाए।
- कठुआ नार्थ विधानसभा क्षेत्र का नाम जय जसरोटा विधानसभा क्षेत्र किया जाए।
- कठुआ नार्थ और साउथ विधानसभा क्षेत्र हल्कों में एक समान समस्याओं और टोपोग्राफी वाले इलाकों को जोड़ा जाना चाहिए था। हाईवे के ऊपरी और निचले हिस्सों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र बनाया जाना चाहिए।
- सुमवां पंचायत राजस्व हल्का फ्लोट बी है। लेकिन पटवार हल्का फ्लोट, सुमवां, पटियाड़ी, त्रेहड़ा आदि इलाके शामिल हैं। इस पूरे इलाके को हाईवे निचले इलाके से उठाकर कंडी के साथ जोड़ दिया गया है। ऐसे में दो प्रतिनिधिमंडल परिसीमन आयोग से इसी मांग को लेकर मिलने वाले हैं।
- बिलावर विधानसभा क्षेत्र को आरक्षित किए जाने की मांग है।