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मेडल पाकर खिलाड़ियों के चेहरे खिले
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विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते एसएसपी रोमेश चंद्र कोतवाल। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। शहर के राजकीय डिग्री कॉलेज में जारी दो दिवसीय जिला स्तरीय वुशू प्रतियोगिता संपन्न हो गई। डिग्री कॉलेज के फिजिकल एजूकेशन विभाग के सहयोग से जिला वुशू एसोसिएशन की ओर से करवाई जा रही प्रतियोगिता के अंतिम सत्र में एसएसपी रोमेश चंद्र कोतवाल मुख्य अतिथि के तौर उपस्थित रहे। जिन्होंने वहां होने वाले मुकाबलों का आनंद लिया साथ ही विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।
प्रतियोगिता के दौरान अंडर-7, 20 किलोग्राम भार वर्ग में सिद्धार्थ ने स्वर्ण, अंडर-9, 24 किलोग्राम भार वर्ग में उत्तीवन ने स्वर्ण इसी आयु वर्ग के 28 किलो ग्राम भार वर्ग में सिद्धांत ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं अंडर-12 आयु के 32 किलोग्राम भार वर्ग में कपिल ने स्वर्ण, अंडर-14 आयु के 40 किलोग्राम भार वर्ग में आयुष ने स्वर्ण, इसी आयु के 45 किलोग्राम भार वर्ग में रंजीत सिंह ने स्वर्ण, 48 किलोग्राम भार वर्ग में गिन्नी ने स्वर्ण, 52 किलोग्राम भार वर्ग में धर्मवीर ने स्वर्ण और 56 किलोग्राम भार वर्ग में कुणाल ने स्वर्ण पदक हासिल किया। अंडर-9 गर्ल्स, 20 किलोग्राम भार वर्ग में आराध्या ने स्वर्ण, अंडर-14 आयु के 48 किलोग्राम भार वर्ग में निधि शर्मा ने स्वर्ण, 52 किलो ग्राम भार वर्ग में तान्या ने स्वर्ण और 56 किलोग्राम भार वर्ग में वंदना देवी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। सभी विजेताओं को एसएसपी ने पदक व प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया।
इस मौके पर आयोजन कमेटी के सचिव सचिन सिंह ने बताया कि 7 वर्ष से 19 वर्ष के प्रतिभागियों के लिए आयोजित इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 120 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। जिसमें 30 लड़कियां शामिल रही। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता के बाद अब विजेता खिलाड़ियों में चुनाव के बाद उन्हें प्रदेश स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए एसोसिएशन द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।
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इस मौके पर एसएसपी रमेश चंद्र कोतवाल ने प्रतियोगिता के आयोजन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत करा बनाती है। उन्होंने बताया कि मूल रूप से चीन के इस खेल में प्रतिभागी खेल के साथ साथ आत्मरक्षा का गुर भी सीखता है। वही इस खेल के माध्यम से वह शारीरिक रूप से भी तंदुरुस्त होता है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों तक पूरी तरह से गुमनाम रहे इस खेल को पहचान भारत में वूशु खिलाड़ी पूजा कादियान ने दिलाई। जो कि इस खेल में विश्व चैंपियन बनी उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनसे प्रेरणा लेकर अपने खेल को और बेहतर बनाने के लिए कहा।
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प्रतियोगिता के दौरान अंडर-7, 20 किलोग्राम भार वर्ग में सिद्धार्थ ने स्वर्ण, अंडर-9, 24 किलोग्राम भार वर्ग में उत्तीवन ने स्वर्ण इसी आयु वर्ग के 28 किलो ग्राम भार वर्ग में सिद्धांत ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं अंडर-12 आयु के 32 किलोग्राम भार वर्ग में कपिल ने स्वर्ण, अंडर-14 आयु के 40 किलोग्राम भार वर्ग में आयुष ने स्वर्ण, इसी आयु के 45 किलोग्राम भार वर्ग में रंजीत सिंह ने स्वर्ण, 48 किलोग्राम भार वर्ग में गिन्नी ने स्वर्ण, 52 किलोग्राम भार वर्ग में धर्मवीर ने स्वर्ण और 56 किलोग्राम भार वर्ग में कुणाल ने स्वर्ण पदक हासिल किया। अंडर-9 गर्ल्स, 20 किलोग्राम भार वर्ग में आराध्या ने स्वर्ण, अंडर-14 आयु के 48 किलोग्राम भार वर्ग में निधि शर्मा ने स्वर्ण, 52 किलो ग्राम भार वर्ग में तान्या ने स्वर्ण और 56 किलोग्राम भार वर्ग में वंदना देवी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। सभी विजेताओं को एसएसपी ने पदक व प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया।
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इस मौके पर आयोजन कमेटी के सचिव सचिन सिंह ने बताया कि 7 वर्ष से 19 वर्ष के प्रतिभागियों के लिए आयोजित इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 120 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। जिसमें 30 लड़कियां शामिल रही। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता के बाद अब विजेता खिलाड़ियों में चुनाव के बाद उन्हें प्रदेश स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए एसोसिएशन द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।
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इस मौके पर एसएसपी रमेश चंद्र कोतवाल ने प्रतियोगिता के आयोजन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत करा बनाती है। उन्होंने बताया कि मूल रूप से चीन के इस खेल में प्रतिभागी खेल के साथ साथ आत्मरक्षा का गुर भी सीखता है। वही इस खेल के माध्यम से वह शारीरिक रूप से भी तंदुरुस्त होता है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों तक पूरी तरह से गुमनाम रहे इस खेल को पहचान भारत में वूशु खिलाड़ी पूजा कादियान ने दिलाई। जो कि इस खेल में विश्व चैंपियन बनी उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनसे प्रेरणा लेकर अपने खेल को और बेहतर बनाने के लिए कहा।