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Kathua News: मुख्य सड़क पर पशुओं का डेरा, वाहनों का दूर से फेरा
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- कहीं गंदगी, कहीं गड्ढे तो कहीं पशुओं के जमावड़े से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर की मुख्य सड़क पर कहीं गंदगी, कहीं गड्ढे तो कहीं पशुओं के जमावड़े से लोग खासे परेशान हैं। कॉलेज रोड के मौजूदा हालात सहीं नहीं हैं। दरअसल शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए करीब एक दशक पहले कालीबड़ी से वाया मुखर्जी चौक हटली मोड़ को जोड़ने वाली इस सड़क का विस्तार किया गया था।।
निर्माण पूरा होने के बाद से ही सड़क के रखरखाव पर जिस तरह से ध्यान दिए जाने की जरूरत थी वह नहीं हुआ। परिणामस्वरूप जो सड़क लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई थी, वे बदहाल होकर अब समस्या का कारण बन रही है।
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अक्सर दुर्घटना का कारण बनते हैं पशु
शहर में घूमने वाले लावारिस पशुओं को सुरक्षित आवास देने के नाम पर कई गोशालाएं तो खुल गई हैं लेकिन आज भी हजारों की तादाद में मवेशी शहर की सड़कों-गलियों के साथ-साथ हाईवे तक इधर-उधर घूमते देखे जा सकते हैं। शहर के कॉलेज रोड पर भी पशुओं का जमावड़ा रहता है जो अक्सर दुर्घटना का कारण बनते हैं।
-देवेंद्र सिंह अंडोत्रा, स्थानीय
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आज तक सड़क पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं हो पाई
शहर की लाइफ लाइन इस सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए कभी भी प्रयास नहीं किया गया। आज तक सड़क पर हर जगह स्ट्रीट लाइट तक की व्यवस्था नहीं हो पाई है। वही जगह-जगह बने गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रित करते हैं। कई हादसे हो भी चुके हैं। इसके बाद भी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयास नहीं हुए हैं।
-डॉ सतीश शर्मा, स्थानीय।
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फुटपाथ या तो टूटे हुए या उन पर कब्जा
शहर में आवागमन की सुविधा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक दशक पहले सड़क का विस्तारीकरण तो किया गया। लेकिन आज तक इसकी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गंभीरता से कहीं प्रयास नहीं किए गए। हालत यह है कि लोगों के पैदल चलने के फुटपाथ या तो टूटे हुए हैं या फिर उन पर अवैध कब्जा है। वहीं सड़क की हालत भी बेहतर नहीं है।
-अजय कुमार, स्थानीय
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जनता के मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता
चाहे अधिकारी हों या राजनेता, हर किसी के जुबान से सिर्फ विकास की बात होती है। लेकिन जनता के मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। शहर के 80 प्रतिशत लोगों के लिए आवागमन का एकमात्र साधन इस सड़क पर न तो प्रशासनिक अधिकारियों का कोई ध्यान है और न ही चुने गए राजनेताओं की नजर है। जिस कारण बदहाली बढ़ती ही जा रही है।
-शिवेंद्र सिंह, स्थानीय
-- कोट...-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
शहर में सड़क पर जहां भी गड्ढे हैं उनको भरने के लिए लोक निर्माण विभाग को कहा गया है जो सिटी एंड टाउन डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत इसको करवाएंगे। जहां तक लावारिस मवेशियों की समस्या के समाधान की बात है तो उस बारे में पशुपालन विभाग से एनीमल रेस्कयू व्हीकल मांगा गया है। इसके मिलने के बाद लावारिस पशुओं को भी शहर से हटाने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा।
-अमित शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर की मुख्य सड़क पर कहीं गंदगी, कहीं गड्ढे तो कहीं पशुओं के जमावड़े से लोग खासे परेशान हैं। कॉलेज रोड के मौजूदा हालात सहीं नहीं हैं। दरअसल शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए करीब एक दशक पहले कालीबड़ी से वाया मुखर्जी चौक हटली मोड़ को जोड़ने वाली इस सड़क का विस्तार किया गया था।।
निर्माण पूरा होने के बाद से ही सड़क के रखरखाव पर जिस तरह से ध्यान दिए जाने की जरूरत थी वह नहीं हुआ। परिणामस्वरूप जो सड़क लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई थी, वे बदहाल होकर अब समस्या का कारण बन रही है।
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अक्सर दुर्घटना का कारण बनते हैं पशु
शहर में घूमने वाले लावारिस पशुओं को सुरक्षित आवास देने के नाम पर कई गोशालाएं तो खुल गई हैं लेकिन आज भी हजारों की तादाद में मवेशी शहर की सड़कों-गलियों के साथ-साथ हाईवे तक इधर-उधर घूमते देखे जा सकते हैं। शहर के कॉलेज रोड पर भी पशुओं का जमावड़ा रहता है जो अक्सर दुर्घटना का कारण बनते हैं।
-देवेंद्र सिंह अंडोत्रा, स्थानीय
आज तक सड़क पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं हो पाई
शहर की लाइफ लाइन इस सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए कभी भी प्रयास नहीं किया गया। आज तक सड़क पर हर जगह स्ट्रीट लाइट तक की व्यवस्था नहीं हो पाई है। वही जगह-जगह बने गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रित करते हैं। कई हादसे हो भी चुके हैं। इसके बाद भी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयास नहीं हुए हैं।
-डॉ सतीश शर्मा, स्थानीय।
फुटपाथ या तो टूटे हुए या उन पर कब्जा
शहर में आवागमन की सुविधा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक दशक पहले सड़क का विस्तारीकरण तो किया गया। लेकिन आज तक इसकी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गंभीरता से कहीं प्रयास नहीं किए गए। हालत यह है कि लोगों के पैदल चलने के फुटपाथ या तो टूटे हुए हैं या फिर उन पर अवैध कब्जा है। वहीं सड़क की हालत भी बेहतर नहीं है।
-अजय कुमार, स्थानीय
जनता के मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता
चाहे अधिकारी हों या राजनेता, हर किसी के जुबान से सिर्फ विकास की बात होती है। लेकिन जनता के मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। शहर के 80 प्रतिशत लोगों के लिए आवागमन का एकमात्र साधन इस सड़क पर न तो प्रशासनिक अधिकारियों का कोई ध्यान है और न ही चुने गए राजनेताओं की नजर है। जिस कारण बदहाली बढ़ती ही जा रही है।
-शिवेंद्र सिंह, स्थानीय
शहर में सड़क पर जहां भी गड्ढे हैं उनको भरने के लिए लोक निर्माण विभाग को कहा गया है जो सिटी एंड टाउन डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत इसको करवाएंगे। जहां तक लावारिस मवेशियों की समस्या के समाधान की बात है तो उस बारे में पशुपालन विभाग से एनीमल रेस्कयू व्हीकल मांगा गया है। इसके मिलने के बाद लावारिस पशुओं को भी शहर से हटाने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा।
-अमित शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ