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मोबाइल नेटवर्क से वंचित हैं लोग
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बसोहली। आज के डिजिटल के जमाने में भी उपमंडल बसोहली के कई इलाके ऐसे हैं जहां आज भी लोग मोबाइल नेटवर्क के सिग्नल से वंचित है। शीतलनगर ब्लॉक की नगाली पंचायत में लोग आज भी मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधा से महरूम है। यहां लोगों को अपने ही गांव में मोबाइल के सिग्नल नहीं मिल पाते हैं। विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, जिसकी वजह से इस पंचायत के लोगों में सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति रोष व्याप्त है।
इस पंचायत के स्थानीय नागरिक पुरुषोत्तम कुमार, नायब सरपंच विजय कुमार, वार्ड संख्या 3 के पंच भूषण कुमार, बिट्टू राम आदि ने बताया कि नगांली उपमंडल बसोहली की दूरदराज पंचायत है, इस पंचायत के 6 गांव की करीब 1800 की आबादी है जिसमें से 50 प्रतिशत आबादी युवाओं की है। इस पंचायत में दो प्राइमरी स्कूल दो मिडिल स्कूल हैं जिनमें करीब 200 विद्यार्थी पढ़ते हैं, कोरोना महामारी के बाद से सभी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है लेकिन उनकी पंचायत के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि मोबाइल में नेटवर्क के सिग्नल ही नहीं आते हैं लोगों ने दूसरे राज्यों के सिम कार्ड भी खरीद रखे हैं लेकिन उनमें भी मोबाइल के सिग्नल नहीं आते हैं।
पंचायत के सरपंच अनंत राम ने बताया कि इस संदर्भ में प्रशासनिक अधिकारियों समेत ब्लॉक दिवस, बैक टू विलेज में भी अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समस्या का जमीनी स्तर पर कोई भी समाधान आज तक नहीं हुआ है। डिजिटल जमाने में भी हमारी पंचायत के लोग मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधा से वंचित हैं। इस पंचायत के अधीन सुंदल, कुंड, खंनुड, नगाली, व अन्य गांव आते हैं यहां 2जी इंटरनेट तो दूर एक फोन को लगाने के लिए भी ऊंचे पहाड़ों व अपने गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर जाकर मोबाइल फोन में नेटवर्क की तलाश करनी पड़ती है। नेटवर्क मिलने के बाद फोन से नंबर डायल कर कॉल लगाई जाती है। अगर रात के समय कोई बीमार हो जाए तो एंबुलेंस का नंबर डायल करने के लिए भी ऐसा ही करना पड़ता है, इस पंचायत के लोगों ने सरकार से उनके क्षेत्र में नया मोबाइल टावर स्थापित कर नेटवर्क सुविधा देने व उसे बेहतर करने की मांग की है।
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एडीसी बसोहली तिलक राज थापा ने बताया कि बीएसएनएल से इस संदर्भ में पत्राचार किया गया है अगर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो निजी कंपनियों से भी बात की जाएगी कि यहां मोबाइल टावर स्थापित करें।
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इस पंचायत के स्थानीय नागरिक पुरुषोत्तम कुमार, नायब सरपंच विजय कुमार, वार्ड संख्या 3 के पंच भूषण कुमार, बिट्टू राम आदि ने बताया कि नगांली उपमंडल बसोहली की दूरदराज पंचायत है, इस पंचायत के 6 गांव की करीब 1800 की आबादी है जिसमें से 50 प्रतिशत आबादी युवाओं की है। इस पंचायत में दो प्राइमरी स्कूल दो मिडिल स्कूल हैं जिनमें करीब 200 विद्यार्थी पढ़ते हैं, कोरोना महामारी के बाद से सभी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है लेकिन उनकी पंचायत के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि मोबाइल में नेटवर्क के सिग्नल ही नहीं आते हैं लोगों ने दूसरे राज्यों के सिम कार्ड भी खरीद रखे हैं लेकिन उनमें भी मोबाइल के सिग्नल नहीं आते हैं।
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पंचायत के सरपंच अनंत राम ने बताया कि इस संदर्भ में प्रशासनिक अधिकारियों समेत ब्लॉक दिवस, बैक टू विलेज में भी अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समस्या का जमीनी स्तर पर कोई भी समाधान आज तक नहीं हुआ है। डिजिटल जमाने में भी हमारी पंचायत के लोग मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधा से वंचित हैं। इस पंचायत के अधीन सुंदल, कुंड, खंनुड, नगाली, व अन्य गांव आते हैं यहां 2जी इंटरनेट तो दूर एक फोन को लगाने के लिए भी ऊंचे पहाड़ों व अपने गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर जाकर मोबाइल फोन में नेटवर्क की तलाश करनी पड़ती है। नेटवर्क मिलने के बाद फोन से नंबर डायल कर कॉल लगाई जाती है। अगर रात के समय कोई बीमार हो जाए तो एंबुलेंस का नंबर डायल करने के लिए भी ऐसा ही करना पड़ता है, इस पंचायत के लोगों ने सरकार से उनके क्षेत्र में नया मोबाइल टावर स्थापित कर नेटवर्क सुविधा देने व उसे बेहतर करने की मांग की है।
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एडीसी बसोहली तिलक राज थापा ने बताया कि बीएसएनएल से इस संदर्भ में पत्राचार किया गया है अगर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो निजी कंपनियों से भी बात की जाएगी कि यहां मोबाइल टावर स्थापित करें।