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Kathua News: उपजिला अस्पताल बनने के बाद भी नहीं बढ़ी स्वास्थ्य सुविधाएं, जीएमसी रेफर हो रहे मरीज
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उपजिला अस्पताल नगरी
नगरी उपजिला अस्पताल में डॉक्टरों के कई पद खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला मुख्यालय के साथ लगने वाली नगरी तहसील व आसपास के करीब 37,000 की आबादी को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाला नगरी उपजिला अस्पताल स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि गत वर्ष अस्पताल में अपनी सेवाएं तीन डॉक्टरों का तबादला हो चुका है, लेकिन एक भी डॉक्टर को अस्पताल में नियुक्त नहीं किया गया है।
स्थानीय निवासियों में विशेष रूप से बाल रोग, स्त्री रोग और सर्जन जैसे विशेषज्ञों की कमी को लेकर चिंता है। यह अस्पताल तहसील का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बावजूद इसकी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है और स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। अस्पताल का साइनबोर्ड 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा के रूप में दर्शाता है, फिर भी स्टाफ और संसाधनों की कमी के कारण समुदाय की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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सेवाओं पर पड़ रहा है प्रभाव
विशेषज्ञों की कमी के कारण अस्पताल में मरीजों का जीएमसी कठुआ में आना मजबूरी बना हुआ है। प्रतिदिन लगभग 100 मरीजों की ओपीडी वाले अस्पताल के मरीजों को जरूरत पड़ने पर लगभग 15 किलोमीटर दूर जीएमसी कठुआ या फिर 80 किलोमीटर दूर जीएमसी जम्मू ही जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा प्रसव और दुर्घटनाओं के मामले में अस्पताल की सेवाएं कमजोर साबित होती हैं। सामान्य प्रसव के मामलों के अलावा हर गर्भवती को जीएमसी कठुआ व दुर्घटनाओं के मामले में मरीजों को केवल प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसी कठुआ भेजना पड़ता है। कई बार विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण कई मरीजों को सही समय पर उपचार भी नहीं उपलब्ध हो पाता है।
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स्टाफ की कमी और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां
चिकित्सा स्टाफ की कमी के चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। क्योंकि इतनी बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवा देने वाले अस्पताल के लिए स्वीकृत नौ चिकित्सा अधिकारी पदों में से आठ पद भरे हुए हैं। लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों के पांच पदों में चार खाली पड़े है। सभी 5 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, और सर्जन जैसे महत्वपूर्ण डॉक्टरों के पद खाली हैं।
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अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की हर संभव कोशिश की जाती है। लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से कुछ समस्याएं आती है। इसके लिए जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखा गया है।
डॉ. विवेक मगोत्रा ब्लॉक मेडिकल अधिकारी नगरी परोल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला मुख्यालय के साथ लगने वाली नगरी तहसील व आसपास के करीब 37,000 की आबादी को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाला नगरी उपजिला अस्पताल स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि गत वर्ष अस्पताल में अपनी सेवाएं तीन डॉक्टरों का तबादला हो चुका है, लेकिन एक भी डॉक्टर को अस्पताल में नियुक्त नहीं किया गया है।
स्थानीय निवासियों में विशेष रूप से बाल रोग, स्त्री रोग और सर्जन जैसे विशेषज्ञों की कमी को लेकर चिंता है। यह अस्पताल तहसील का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बावजूद इसकी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है और स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। अस्पताल का साइनबोर्ड 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा के रूप में दर्शाता है, फिर भी स्टाफ और संसाधनों की कमी के कारण समुदाय की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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सेवाओं पर पड़ रहा है प्रभाव
विशेषज्ञों की कमी के कारण अस्पताल में मरीजों का जीएमसी कठुआ में आना मजबूरी बना हुआ है। प्रतिदिन लगभग 100 मरीजों की ओपीडी वाले अस्पताल के मरीजों को जरूरत पड़ने पर लगभग 15 किलोमीटर दूर जीएमसी कठुआ या फिर 80 किलोमीटर दूर जीएमसी जम्मू ही जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा प्रसव और दुर्घटनाओं के मामले में अस्पताल की सेवाएं कमजोर साबित होती हैं। सामान्य प्रसव के मामलों के अलावा हर गर्भवती को जीएमसी कठुआ व दुर्घटनाओं के मामले में मरीजों को केवल प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसी कठुआ भेजना पड़ता है। कई बार विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण कई मरीजों को सही समय पर उपचार भी नहीं उपलब्ध हो पाता है।
स्टाफ की कमी और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां
चिकित्सा स्टाफ की कमी के चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। क्योंकि इतनी बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवा देने वाले अस्पताल के लिए स्वीकृत नौ चिकित्सा अधिकारी पदों में से आठ पद भरे हुए हैं। लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों के पांच पदों में चार खाली पड़े है। सभी 5 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, और सर्जन जैसे महत्वपूर्ण डॉक्टरों के पद खाली हैं।
अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की हर संभव कोशिश की जाती है। लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से कुछ समस्याएं आती है। इसके लिए जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखा गया है।
डॉ. विवेक मगोत्रा ब्लॉक मेडिकल अधिकारी नगरी परोल