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शहीद बुआ दित्ता सिंह के नाम से जाना जाएगा चंदवां का हायर सेकेंडरी स्कूल
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चंदवां गांव में स्थित सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल। - संवाद।
- फोटो : KATHUA
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हीरानगर। शहीद सैनिकों के नाम पर सरकारी स्कूलों के नामकरण की प्रक्रिया जारी है। शुक्रवार को हायर सेकेंडरी स्कूल चंदवां का नाम शहीद सिपाही बुआ दित्ता सिंह के नाम पर कर दिया गया है। बुआ दित्ता सिंह 1948 को पुंछ में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। मरणोपरांत उन्हें वीर चक्र से सम्मानित भी किया गया।
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित उपायुक्त राहुल यादव ने लोगों को बधाई दीं। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों के नाम पर स्कूलों का नाम बदलने से यहां पढ़ने वाले बच्चों को देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों की जानकारी मिलेगी। इससे युवाओं को देश सेवा की प्रेरणा भी मिलेगी। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत शुरू की गई इस प्रक्रिया को इसी तरह से आगे बढ़ाया जाएगा। एक लंबी फेहरिस्त है, जिसके तहत शहीद सैनिकों के नाम पर स्कूलों के नाम बदले जाएंगे।
इस मौके पर मौजूद शहीद के गोद लिए बेटे राकेश सिंह ने कहा कि इस ऐतिहासिक पल को कभी नहीं भूल पाएंगे। स्कूल का नाम पिता के नाम पर रखे जाने से परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके को सम्मान मिला है। डीडीसी के उपाध्यक्ष रघुनंदन सिंह ने कहा कि देश की खातिर शहीद हुए सैनिकों को कोई नहीं भूल सकता। स्कूलों का नाम बदलकर शहीदों के नाम पर रखने का फैसला ऐतिहासिक और सराहनीय है। इस मौके पर सरपंच भावना जसरोटिया, डीडीसी सदस्य कर्ण कुमार, पूर्व सरपंच योगेश सिंह और सेना के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित उपायुक्त राहुल यादव ने लोगों को बधाई दीं। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों के नाम पर स्कूलों का नाम बदलने से यहां पढ़ने वाले बच्चों को देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों की जानकारी मिलेगी। इससे युवाओं को देश सेवा की प्रेरणा भी मिलेगी। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत शुरू की गई इस प्रक्रिया को इसी तरह से आगे बढ़ाया जाएगा। एक लंबी फेहरिस्त है, जिसके तहत शहीद सैनिकों के नाम पर स्कूलों के नाम बदले जाएंगे।
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इस मौके पर मौजूद शहीद के गोद लिए बेटे राकेश सिंह ने कहा कि इस ऐतिहासिक पल को कभी नहीं भूल पाएंगे। स्कूल का नाम पिता के नाम पर रखे जाने से परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके को सम्मान मिला है। डीडीसी के उपाध्यक्ष रघुनंदन सिंह ने कहा कि देश की खातिर शहीद हुए सैनिकों को कोई नहीं भूल सकता। स्कूलों का नाम बदलकर शहीदों के नाम पर रखने का फैसला ऐतिहासिक और सराहनीय है। इस मौके पर सरपंच भावना जसरोटिया, डीडीसी सदस्य कर्ण कुमार, पूर्व सरपंच योगेश सिंह और सेना के अधिकारी भी मौजूद रहे।

चंदवां स्कूल के नामकरण के बाद उद्घाटन करते जिला उपायुक्त। - संवाद।- फोटो : KATHUA
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