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फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी का लगाया आरोप
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नगर परिषद में फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए अपने ही पार्टी प्रधान के खिलाफ शनिवार को भाजपा के चार पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने परिषद की आयोजित होने वाले इन हाऊस बैठकों में हाजिरी पर ही बिना जानकारी प्रस्ताव पारित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। नगर परिषद कार्यालय में शनिवार को अध्यक्ष नरेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक का बहिष्कार करने वालों में वार्ड सात के पार्षद अनिरूद्ध शर्मा, वार्ड 17 के पार्षद जोगिंद्र पाल, वार्ड 14 के पार्षद भोपिंद्र राज और वार्ड 12 की पार्षद रेखा देवी शामिल रहे।
बैठक का बहिष्कार कर बाहर आए अनिरूद्ध शर्मा ने बताया कि हर पंद्रह बीस दिन के बाद परिषद में हाउस मीटिंग की जाती है जिसमें शहर की विकास योजनाओं पर अग्रिम रणनीति बनाई जाती है। इसके साथ ही प्रस्ताव भी डाले जाते हैं। बताया कि हैरानी की बात थी कि बैठक में शामिल होने वाले पार्षदों की ली जाने वाली हाजिरी के बाद उस पर प्रस्ताव शामिल कर दिए जाते थे। जिसकी जानकारी उन्हें नहीं होती थी। आरोप लगाया कि स्वच्छता के नाम पर सफाई कर्मी सिर्फ अधिकारियों और नेताओं को खुश करने के लिए नियुक्त किए जाते हैं। इस बार भी इस मुद्दे पर बैठक में बात की गई लेकिन कोई संतोषजनक जवाब हासिल नहीं हुआ ऐसे में उन्हें बैठक का बहिष्कार करने को मजबूर होना पड़ा है।
उपराज्यपाल सहित उच्च अधिकारियों को करेंगे लिखित शिकायत
बहिष्कार करने वाले पार्षदों ने दो टूक कहा कि शहर के लोगों को भी जागना होगा। उन्हें अपने पार्षदों से सवाल पूछना चाहिए कि आखिर वो ऐसे बिना विश्वास में लिए गए पारित हो रहे प्रस्तावों पर बैठकों का बहिष्कार क्यूं नहीं करते। अनिरूद्ध शर्मा ने कहा कि आज बैठक का बहिष्कार करने वाले चार पार्षद हैं और यदि यह सिलसिला नहीं रोका गया तो अगली बैठक में दस पार्षद बहिष्कार करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि परिषद की इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ऐसे में वो इस धोखाधड़ी की लिखित शिकायत उप राज्यपाल समेत निदेशक और डीसी से भी करेंगे। कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्षद निदेशक कार्यालय में भी धरना देंगे। उन्होंने कहा कि परिषद का काम सिर्फ बिजली और गली निर्माण ही नहीं बल्कि लोगों की सहूलियत को देखना भी है।
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पार्षद भोपिंद्र राज ने आरोप लगाया है कि परिषद में कोई भी काम ठीक नहीं हो रहे हैं और सब काम अंदर द टेबल हो रहे हैं। पार्षद जोगिंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें वॉक आउट करने पर मजबूर किया गया है चूंकि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिले हैं।
अध्यक्ष की सफाई
नगर परिषद के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि सभी पार्षद बैठक में शामिल हुए हैं और उन्हें वॉक आउट की कोई जानकारी नहीं है। कहा कि 26 जनवरी को परिषद कार्यालय में तिरंगा फहराने के मकसद को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। अध्यक्ष ने कहा कि पार्षद अनिरूद्ध की ओर से प्रस्ताव को लेकर मुद्दा उठाया गया था और फैसला लिया गया है कि प्रस्ताव अलग होगा और हाजिरी अलग लगाई जाएगी। आरोपों पर कहा कि अंडर द टेबल के कोई काम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सफाई को लेकर लागए जा रहे आरोपों के सुबूत दिए जाएं।
परिषद के नाक तले गैर कानूनी रूप से बन रही इमारतें
नगर परिषद कठुआ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी भी है चूंकि शहर के कई इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर ऐसे काम जारी हैं जिसमें सरकार के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ऐसा ही एक मामला इन दिनों कॉलेज मार्ग से सटे शहर के वार्ड पांच में चल रहे एक भवन निर्माण में भी सामने आया है। जहां जमीन से शुरू हुआ निर्माण पहले माले तक पहुंचते तक कई फुट बाहर आ चुका है। यह इकलौता मामला नहीं है शहर के कई हिस्सों में नगर परिषद की ओर से पूर्व में पास किए गए नक्शों में भी ऐसे ही नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं जहां मात्र चार फुट की जगह से निर्माण जमीन पर शुरू होने के बाद बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी गई हैं।
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बैठक का बहिष्कार कर बाहर आए अनिरूद्ध शर्मा ने बताया कि हर पंद्रह बीस दिन के बाद परिषद में हाउस मीटिंग की जाती है जिसमें शहर की विकास योजनाओं पर अग्रिम रणनीति बनाई जाती है। इसके साथ ही प्रस्ताव भी डाले जाते हैं। बताया कि हैरानी की बात थी कि बैठक में शामिल होने वाले पार्षदों की ली जाने वाली हाजिरी के बाद उस पर प्रस्ताव शामिल कर दिए जाते थे। जिसकी जानकारी उन्हें नहीं होती थी। आरोप लगाया कि स्वच्छता के नाम पर सफाई कर्मी सिर्फ अधिकारियों और नेताओं को खुश करने के लिए नियुक्त किए जाते हैं। इस बार भी इस मुद्दे पर बैठक में बात की गई लेकिन कोई संतोषजनक जवाब हासिल नहीं हुआ ऐसे में उन्हें बैठक का बहिष्कार करने को मजबूर होना पड़ा है।
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उपराज्यपाल सहित उच्च अधिकारियों को करेंगे लिखित शिकायत
बहिष्कार करने वाले पार्षदों ने दो टूक कहा कि शहर के लोगों को भी जागना होगा। उन्हें अपने पार्षदों से सवाल पूछना चाहिए कि आखिर वो ऐसे बिना विश्वास में लिए गए पारित हो रहे प्रस्तावों पर बैठकों का बहिष्कार क्यूं नहीं करते। अनिरूद्ध शर्मा ने कहा कि आज बैठक का बहिष्कार करने वाले चार पार्षद हैं और यदि यह सिलसिला नहीं रोका गया तो अगली बैठक में दस पार्षद बहिष्कार करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि परिषद की इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ऐसे में वो इस धोखाधड़ी की लिखित शिकायत उप राज्यपाल समेत निदेशक और डीसी से भी करेंगे। कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्षद निदेशक कार्यालय में भी धरना देंगे। उन्होंने कहा कि परिषद का काम सिर्फ बिजली और गली निर्माण ही नहीं बल्कि लोगों की सहूलियत को देखना भी है।
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पार्षद भोपिंद्र राज ने आरोप लगाया है कि परिषद में कोई भी काम ठीक नहीं हो रहे हैं और सब काम अंदर द टेबल हो रहे हैं। पार्षद जोगिंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें वॉक आउट करने पर मजबूर किया गया है चूंकि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिले हैं।
अध्यक्ष की सफाई
नगर परिषद के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि सभी पार्षद बैठक में शामिल हुए हैं और उन्हें वॉक आउट की कोई जानकारी नहीं है। कहा कि 26 जनवरी को परिषद कार्यालय में तिरंगा फहराने के मकसद को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। अध्यक्ष ने कहा कि पार्षद अनिरूद्ध की ओर से प्रस्ताव को लेकर मुद्दा उठाया गया था और फैसला लिया गया है कि प्रस्ताव अलग होगा और हाजिरी अलग लगाई जाएगी। आरोपों पर कहा कि अंडर द टेबल के कोई काम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सफाई को लेकर लागए जा रहे आरोपों के सुबूत दिए जाएं।
परिषद के नाक तले गैर कानूनी रूप से बन रही इमारतें
नगर परिषद कठुआ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी भी है चूंकि शहर के कई इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर ऐसे काम जारी हैं जिसमें सरकार के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ऐसा ही एक मामला इन दिनों कॉलेज मार्ग से सटे शहर के वार्ड पांच में चल रहे एक भवन निर्माण में भी सामने आया है। जहां जमीन से शुरू हुआ निर्माण पहले माले तक पहुंचते तक कई फुट बाहर आ चुका है। यह इकलौता मामला नहीं है शहर के कई हिस्सों में नगर परिषद की ओर से पूर्व में पास किए गए नक्शों में भी ऐसे ही नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं जहां मात्र चार फुट की जगह से निर्माण जमीन पर शुरू होने के बाद बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी गई हैं।