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भूकंप की तैयारी पर मॉक ड्रिल आयोजित
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कठुआ। भूकंप जैसी आपदा से बचाव की जानकारी देने के लिए राजकीय डिग्री कॉलेज में मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इसमें जिला प्रशासन और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के सहयोग से 13वीं बटालियन के जवानों ने बचाव कार्य का प्रदर्शन किया।
उपायुक्त राहुल यादव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एनडीआरएफ 13 बटालियन के सहायक कमांडेंट केएच रंजीत सिंह और डीवाईएसपी एसडीआरएफ रमनीश शर्मा मौजूद रहे। सुबह करीब पौने 11 बजे बचाव कार्य के लिए डिग्री कॉलेज में भूकंप जैसी स्थिति पैदा करते हुए बताया गया कि भूकंप के कारण इमारत आंशिक रूप से गिर गई है। इस दौरान इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने मेडिकल सेवाओं के साथ बचाव अभियान शुरू किया।
इस दौरान बचाव कार्य में लगे सभी जवानों ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया। उन्होंने ढही इमारत में घायल हुए लोगों को आपदा के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकों, उपकरणों से दीवारों को काटने, भारी मलबा उठाने, आदि स्थितियां प्रदर्शित कीं। इसके अलावा आपदा पीड़ितों तक पहुंचने और बहुमंजिला इमारत में रस्सी के सहारे पीड़ितों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकालकर अस्थायी आधार शिविर तक पहुंचाने का प्रदर्शन किया।
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उपायुक्त राहुल यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को भूकंप आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है। कठुआ जिला भूकंप क्षेत्र के जोन-4 और 5 में स्थित है। जो जिले में भूकंप की चपेट में आने की संभावना को दर्शाता है। आज की मॉक ड्रिल एनसीसी, एनएसएस और अन्य कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा भाग लेने वाले सभी विभागों और एजेंसियों के लिए सीखने की कवायद है।
उन्होंने एनडीआरएफ की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का अभ्यास लोगों में जागरूकता पैदा करने और उन्हें किसी भी घटना का सामना करने को तैयार रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में जिले के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के अभ्यास किए जाएंगे। इससे पहले डीसी कार्यालय परिसर में एक टेबलटॉप अभ्यास आयोजित किया गया था जहां संबंधित विभागों ने वास्तविक समय की स्थिति और प्रतिक्रिया कार्यों के अलावा भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। इस अवसर पर एडीसी कठुआ अतुल गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सुनिंदरजीत कौर, सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी, अग्निशमन सेवा, पुलिस, यातायात और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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उपायुक्त राहुल यादव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एनडीआरएफ 13 बटालियन के सहायक कमांडेंट केएच रंजीत सिंह और डीवाईएसपी एसडीआरएफ रमनीश शर्मा मौजूद रहे। सुबह करीब पौने 11 बजे बचाव कार्य के लिए डिग्री कॉलेज में भूकंप जैसी स्थिति पैदा करते हुए बताया गया कि भूकंप के कारण इमारत आंशिक रूप से गिर गई है। इस दौरान इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने मेडिकल सेवाओं के साथ बचाव अभियान शुरू किया।
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इस दौरान बचाव कार्य में लगे सभी जवानों ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया। उन्होंने ढही इमारत में घायल हुए लोगों को आपदा के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकों, उपकरणों से दीवारों को काटने, भारी मलबा उठाने, आदि स्थितियां प्रदर्शित कीं। इसके अलावा आपदा पीड़ितों तक पहुंचने और बहुमंजिला इमारत में रस्सी के सहारे पीड़ितों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकालकर अस्थायी आधार शिविर तक पहुंचाने का प्रदर्शन किया।
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उपायुक्त राहुल यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को भूकंप आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है। कठुआ जिला भूकंप क्षेत्र के जोन-4 और 5 में स्थित है। जो जिले में भूकंप की चपेट में आने की संभावना को दर्शाता है। आज की मॉक ड्रिल एनसीसी, एनएसएस और अन्य कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा भाग लेने वाले सभी विभागों और एजेंसियों के लिए सीखने की कवायद है।
उन्होंने एनडीआरएफ की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का अभ्यास लोगों में जागरूकता पैदा करने और उन्हें किसी भी घटना का सामना करने को तैयार रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में जिले के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के अभ्यास किए जाएंगे। इससे पहले डीसी कार्यालय परिसर में एक टेबलटॉप अभ्यास आयोजित किया गया था जहां संबंधित विभागों ने वास्तविक समय की स्थिति और प्रतिक्रिया कार्यों के अलावा भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। इस अवसर पर एडीसी कठुआ अतुल गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सुनिंदरजीत कौर, सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी, अग्निशमन सेवा, पुलिस, यातायात और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।