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खनन करने वालों को देना होगा अब पाई-पाई का हिसाब
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कठुआ। कठुआ जिले के विभिन्न माइनिंग ब्लाक में अवैज्ञानिक तरीके से खनन करने वालों की अब खैर नहीं। विभाग ने लीज लेने वालों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि अगले एक महीने के भीतर हर हाल में धर्मकांटे लगाएं। इन धर्मकांटों का रिकार्ड रखा जाएगा। जिसमें लीज लेने वालों को ब्लॉक से किए जा रहे खनन का हिसाब देना होगा। रोजाना स्तर पर इसका रिकार्ड तैयार किया जाएगा, जिससे विभाग यह पैमाना तय करेगा कि ब्लॉक में जारी हुई लीज के हिसाब से कितना खनन किया जा चुका है। अबतक एक साथ आधा दर्जन एक्सकेवेटर लगातार प्राकृतिक संपदा को लूटा जा रहा था, जिसपर नकेल कसने की खनन विभाग ने तैयारी कर ली है। हालांकि विभाग के लिए बड़ा सवाल यह भी है कि खड्डों में नियंत्रण कैसे किया जाएगा। चूंकि कुछ माइनिंग लीज जिले में पिछले साल से ही चलना शुरू हो गई थीं लेकिन कोई भी नियंत्रण इसपर नहीं हो पा रहा था।
खनन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कठुआ जिले में दस माइनिंग लीज जारी कर दी गई हैं। हालांकि इनमें से सात के लगभग ही अबतक सक्रिय हो पाई हैं। लेकिन इनमें से एक भी लीज पर खनन के बाद भार तौलने के लिए धर्मकांटा नहीं लगाया गया है। ऐसे में खनन का कोई भी हिसाब नहीं रह पा रहा था। जियॉलजी और माइनिंग निदेशालय की ओर से अब इसपर सख्ती की तैयारी की गई है। बाकायदा निर्देश जारी किए गए हैं कि इसके लिए ई आक्शन हासिल करने वाले माइनर मिनरल ब्लॉक और निजी जमीनों में लीज हासिल करने वालों को भी धर्मकांटे लगाने होंगे।
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रावी और उज्ज दरिया को पहुंचा है सबसे अधिक नुकसान
निदेशालय की कार्रवाई इसलिए भी जरूरी हो गई थी चूंकि कठुआ जिला की सरहद पंजाब से जुड़ी हुई है। खास तौर पर पिछले कई महीनों से रावी दरिया और उज्ज दरिया में बड़े पैमाने पर अवैज्ञानिक तरीके से खनन के मामलों का भंडाफोड़ जिला प्रशासन और कठुआ पुलिस भी कर चुकी है। ऐसे में प्रदेश की प्राकृतिक खनन संपदा को नुकसान न पहुंचाया जाए इसके लिए धर्मकांटे लगाकर खनन का पैमाना तय करना जरूरी था।
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माइनिंग लीज लेने वालों को एक महीने का समय दिया गया है कि वे धर्मकांटे स्थापित करें और इसकी जानकारी विभाग को दें। इससे अवैज्ञानिक तरीके से हो रहे खनन पर रोक लगेगी और विभाग का खनन पर पूरी तरह से नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए माइनिंग लीज रद्द कर दी जाएगी।
ओम प्रकाश भगत
निदेशक जियॉलजी और माइनिंग विभाग
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खनन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कठुआ जिले में दस माइनिंग लीज जारी कर दी गई हैं। हालांकि इनमें से सात के लगभग ही अबतक सक्रिय हो पाई हैं। लेकिन इनमें से एक भी लीज पर खनन के बाद भार तौलने के लिए धर्मकांटा नहीं लगाया गया है। ऐसे में खनन का कोई भी हिसाब नहीं रह पा रहा था। जियॉलजी और माइनिंग निदेशालय की ओर से अब इसपर सख्ती की तैयारी की गई है। बाकायदा निर्देश जारी किए गए हैं कि इसके लिए ई आक्शन हासिल करने वाले माइनर मिनरल ब्लॉक और निजी जमीनों में लीज हासिल करने वालों को भी धर्मकांटे लगाने होंगे।
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रावी और उज्ज दरिया को पहुंचा है सबसे अधिक नुकसान
निदेशालय की कार्रवाई इसलिए भी जरूरी हो गई थी चूंकि कठुआ जिला की सरहद पंजाब से जुड़ी हुई है। खास तौर पर पिछले कई महीनों से रावी दरिया और उज्ज दरिया में बड़े पैमाने पर अवैज्ञानिक तरीके से खनन के मामलों का भंडाफोड़ जिला प्रशासन और कठुआ पुलिस भी कर चुकी है। ऐसे में प्रदेश की प्राकृतिक खनन संपदा को नुकसान न पहुंचाया जाए इसके लिए धर्मकांटे लगाकर खनन का पैमाना तय करना जरूरी था।
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माइनिंग लीज लेने वालों को एक महीने का समय दिया गया है कि वे धर्मकांटे स्थापित करें और इसकी जानकारी विभाग को दें। इससे अवैज्ञानिक तरीके से हो रहे खनन पर रोक लगेगी और विभाग का खनन पर पूरी तरह से नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए माइनिंग लीज रद्द कर दी जाएगी।
ओम प्रकाश भगत
निदेशक जियॉलजी और माइनिंग विभाग